UP Home Guard Exam 2025: 74 जिलों में परीक्षा पूरी, फर्जीवाड़े के मामलों में गिरफ्तारी
उत्तर प्रदेश में होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 की लिखित परीक्षा 25 से 27 अप्रैल के बीच 74 जिलों में आयोजित की गई, जिसमें लाखों अभ्यर्थियों ने भाग लिया। परीक्षा शांतिपूर्ण रही, लेकिन कई जिलों में फर्जी दस्तावेज, प्रतिरूपण और नकल के प्रयास सामने आए, जिन पर तत्काल कार्रवाई की गई।
लखनऊ स्थित भर्ती बोर्ड के अनुसार परीक्षा 1053 केंद्रों पर दो पालियों में संपन्न हुई। प्रशासन ने बायोमैट्रिक सत्यापन, CCTV निगरानी और सख्त चेकिंग व्यवस्था के जरिए पारदर्शिता सुनिश्चित करने का दावा किया है।
27 अप्रैल को हापुड़, फतेहपुर, अलीगढ़ और हाथरस जैसे जिलों में जन्मतिथि में हेरफेर, फर्जी प्रवेश पत्र और बायोमैट्रिक प्रतिरूपण के मामले सामने आए। पुलिस ने इन मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता 2023 और राज्य परीक्षा अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए हैं।
इससे पहले 25 और 26 अप्रैल को एटा, कानपुर नगर, आगरा और बरेली में भी संगठित तरीके से नकल कराने और तकनीकी उपकरणों के दुरुपयोग की घटनाएं सामने आई थीं। कानपुर में परीक्षा केंद्र के अंदर छिपाकर रखे गए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी बरामद किए गए।
बरेली में एक ही अभ्यर्थी द्वारा अलग-अलग नामों से दो केंद्रों पर परीक्षा देने का मामला सामने आना परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि कुछ गिरोह संगठित तरीके से परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे थे।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी निगरानी बढ़ाई गई। यूट्यूब और टेलीग्राम चैनलों के जरिए कथित पेपर लीक और गलत जानकारी फैलाने के आरोप में लखनऊ में एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है, क्योंकि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं और नकल माफिया सक्रिय रहते हैं। इस बार बायोमैट्रिक और तकनीकी निगरानी के चलते कई प्रयास समय रहते पकड़े गए।
क्या है पूरा मामला?
होमगार्ड भर्ती परीक्षा 2025 को तीन दिनों में आयोजित किया गया था। परीक्षा के दौरान कई जिलों में फर्जी दस्तावेज, प्रतिरूपण और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए नकल के प्रयास पकड़े गए। पुलिस ने अलग-अलग जिलों में कई एफआईआर दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
किन लोगों पर असर पड़ेगा?
इस कार्रवाई का सीधा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ेगा जो अनुचित साधनों का उपयोग कर परीक्षा में शामिल हुए। साथ ही, भविष्य में भर्ती प्रक्रिया और अधिक सख्त होने की संभावना है, जिससे ईमानदारी से परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों को फायदा मिलेगा।
