जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, शामली द्वारा सत्र 2025–26 के लिए एक कार्यालय आदेश जारी किया गया है, जिसमें परिषदीय विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद रिक्त होने की स्थिति में कार्य कर रहे इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को किसी भी प्रकार का अतिरिक्त पारिश्रमिक न दिए जाने का प्रावधान स्पष्ट किया गया है। आदेश के अनुसार, यदि किसी विद्यालय में नियमित प्रधानाध्यापक नियुक्त नहीं है और वरिष्ठता के आधार पर किसी सहायक अध्यापक को प्रधानाध्यापक पद का प्रभार सौंपा गया है, तो यह केवल प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत होगा और इसके लिए कोई अतिरिक्त आर्थिक लाभ देय नहीं होगा।
कार्यालय आदेश में उल्लेख किया गया है कि यह निर्णय माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में योजित अपील तथा उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद और शासन स्तर से समय-समय पर निर्गत निर्देशों के क्रम में लिया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 के अंतर्गत विद्यालयों के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार प्रधानाध्यापक पद पर प्रभार ग्रहण करना केवल कार्यदायित्व का निर्वहन है, न कि किसी प्रकार का पदोन्नति या मानदेय का आधार।
आदेश में “निर्गत वरिष्ठता सूची” का उल्लेख संदर्भ के रूप में किया गया है, जिसका तात्पर्य यह है कि पहले से वैध और प्रभावी वरिष्ठता सूची के आधार पर ही प्रधानाध्यापक पद का प्रभार सौंपा गया है। इस आदेश के माध्यम से किसी नई वरिष्ठता सूची के जारी किए जाने की सूचना नहीं दी गई है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।











