प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में छात्राओं की सुविधा और स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों के अनुसार, जिन विद्यालयों में बालिका शौचालय अथवा मूत्रालय उपलब्ध होने के बावजूद क्रियाशील नहीं हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र चालू कराया जाएगा।
विभागीय निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि ऐसे शौचालय, जो तकनीकी खराबी, जल आपूर्ति की समस्या अथवा नियमित रखरखाव के अभाव में उपयोग में नहीं हैं, उनकी मरम्मत कर संचालन सुनिश्चित किया जाए। इसका उद्देश्य यह है कि किसी भी विद्यालय में बालिकाओं को स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय सुविधा से वंचित न रहना पड़े।
इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत जनपद स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए 7 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी परिषदीय विद्यालयों में शत-प्रतिशत क्रियाशील बालिका शौचालय एवं मूत्रालय उपलब्ध हों।
शिक्षा विभाग के अनुसार विद्यालयों में स्वच्छ और कार्यशील शौचालयों की उपलब्धता से छात्राओं की नियमित उपस्थिति, स्वास्थ्य और विद्यालय में निरंतरता को बढ़ावा मिलेगा। विभाग का मानना है कि यह पहल बालिका शिक्षा को सशक्त बनाने और सुरक्षित विद्यालय वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।












