सरकारी योजनाओं के डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) जैसे स्कॉलरशिप, पेंशन, सब्सिडी, LPG सब्सिडी और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ पाने के लिए आधार कार्ड का बैंक खाते से सही तरीके से लिंक होना अनिवार्य है। अब यह प्रक्रिया और अधिक सुलभ हो गई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के भारत आधार सीडिंग एनेबलर (BASE) प्लेटफॉर्म के माध्यम से लाभार्थी घर बैठे NPCI मैपर में आधार सीडिंग के लिए अनुरोध कर सकते हैं।
पहले आधार सीडिंग के लिए बैंक शाखा में जाकर दस्तावेज़ जमा करने और लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। BASE प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन अनुरोध दर्ज किया जा सकता है। इस सुविधा को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB), बारोदा यूपी ग्रामीण बैंक और फेडरल बैंक सहित कई बैंक सपोर्ट कर रहे हैं।
कई मामलों में यह देखा गया है कि बैंक में आधार लिंक होने के बावजूद DBT की राशि खाते में नहीं पहुंचती। इसका मुख्य कारण यह है कि बैंक लेवल आधार लिंकिंग और NPCI मैपर में आधार सीडिंग दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।
बैंक लेवल आधार लिंकिंग बैंक के अपने कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) में की जाती है, जिसमें KYC सत्यापन, खाते से आधार लिंक करना और बैंक की आंतरिक सेवाओं के लिए वैधता सुनिश्चित की जाती है। यह लिंकिंग केवल उसी बैंक के सिस्टम तक सीमित रहती है।
वहीं NPCI मैपर में आधार सीडिंग यह निर्धारित करती है कि किसी आधार नंबर से जुड़ा DBT भुगतान किस बैंक खाते में जाएगा। यहां “Last Bank Wins” नियम लागू होता है, जिसके तहत अंतिम रूप से सीड किया गया बैंक ही DBT राशि प्राप्त करता है। यदि NPCI मैपर अपडेट नहीं है, तो बैंक में आधार लिंक होने के बावजूद DBT लाभ नहीं मिलता।
यही कारण है कि UIDAI की वेबसाइट पर दिखाई देने वाला Bank Seeding Status भी NPCI मैपर के डेटा पर आधारित होता है। UIDAI पोर्टल से केवल स्थिति की जानकारी प्राप्त की जा सकती है, वहां से सीडिंग की प्रक्रिया नहीं की जाती।
BASE प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक फ्रेश आधार सीडिंग, एक बैंक से दूसरे बैंक में आधार मूवमेंट और डी-सीडिंग (आधार हटाना) जैसे अनुरोध स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। अनुरोध के बाद संबंधित बैंक द्वारा सत्यापन और स्वीकृति दी जाती है, जिसके पश्चात NPCI मैपर अपडेट होता है।
आधार सीडिंग के लिए उपयोगकर्ता को npci.org.in वेबसाइट पर जाकर Consumer सेक्शन में Bharat Aadhaar Seeding Enabler (BASE) विकल्प चुनना होता है। यहां आधार नंबर, बैंक का नाम और खाता नंबर दर्ज कर OTP के माध्यम से सत्यापन किया जाता है। आमतौर पर बैंक 3 से 7 कार्यदिवस में अनुरोध को स्वीकृत कर देता है।
आधार-बैंक सीडिंग की स्थिति UIDAI के MyAadhaar पोर्टल पर या बैंक द्वारा भेजे गए SMS अलर्ट के माध्यम से भी जांची जा सकती है।
यदि किसी खाते में पहले से आधार लिंक नहीं है, तो संबंधित बैंक के मोबाइल ऐप या शाखा के माध्यम से आधार लिंक कराना आवश्यक है। अंतिम स्वीकृति बैंक की गाइडलाइंस और KYC स्थिति पर निर्भर करती है। किसी समस्या की स्थिति में बैंक की हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।
डिजिटल इंडिया पहल के तहत यह सुविधा विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लाभार्थियों के लिए उपयोगी मानी जा रही है। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी और पारदर्शिता के साथ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचने में सहायता मिलती है।











