
सरकारी कर्मचारियों के हित में एक अहम पहल करते हुए असम ने 8वां वेतन आयोग गठित करने वाला देश का पहला राज्य बनने का गौरव हासिल किया है। राज्य सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार के अनुसार, यह आयोग मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों, महंगाई, जीवन-यापन की लागत और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अपनी सिफारिशें तैयार करेगा। इन सिफारिशों के आधार पर राज्य कर्मचारियों के वेतन ढांचे में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
वेतन आयोग का कार्य केवल वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें भत्तों, पेंशन, पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों से जुड़े पहलुओं की भी विस्तार से समीक्षा की जाएगी। इससे वर्तमान कर्मचारियों के साथ-साथ सेवानिवृत्त कर्मियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
यह निर्णय इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि केंद्र स्तर पर 8वें वेतन आयोग को लेकर अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में असम का यह कदम अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण बन सकता है।
राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि आयोग की सिफारिशों को गंभीरता से लागू किया जाएगा, ताकि कर्मचारियों का मनोबल बढ़े और प्रशासनिक कार्यकुशलता में सुधार हो।














