बिजली बिल राहत योजना 2025-26 के अंतर्गत शामिल उपभोक्ताओं के लिए भुगतान प्रक्रिया को लेकर राहत और स्पष्टता सामने आई है। उत्तर प्रदेश में घरेलू और छोटे वाणिज्यिक बिजली उपभोक्ताओं के लिए यह योजना पहले से लागू है। योजना उन उपभोक्ताओं के लिए शुरू की गई थी जिन पर लंबे समय से बिजली बिल का बकाया चल रहा है या जिन्होंने अब तक बिजली बिल का भुगतान नहीं किया था।
इस योजना के अंतर्गत घरेलू श्रेणी के अधिकतम 2 किलोवाट तक के कनेक्शन और छोटे वाणिज्यिक श्रेणी के 1 किलोवाट तक के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को शामिल किया गया है। इसमें वे उपभोक्ता आते हैं जिन्होंने कभी बिजली बिल का भुगतान नहीं किया है, जिन पर लंबे समय से बिजली बिल बकाया है, तथा विद्युत चोरी के प्रकरणों से संबंधित उपभोक्ता।
योजना के तहत जो उपभोक्ता पुराने बकाया बिजली बिल को किश्तों में जमा कर रहे हैं, उन्हें भुगतान को लेकर अतिरिक्त स्पष्टता दी गई है। अब ऐसे उपभोक्ता चाहें तो किश्तों में जमा होने वाली शेष बकाया राशि एक साथ (एकमुश्त) भी जमा कर सकते हैं।
यदि कोई उपभोक्ता सभी शेष किश्तें एक साथ जमा करता है, तो उसे योजना के तहत निर्धारित पूरी छूट का लाभ दिया जाएगा। इससे उपभोक्ता एक ही बार में अपने पुराने बकाया का निपटारा कर सकता है।
योजना के अनुसार, यदि कोई उपभोक्ता किश्त व्यवस्था के तहत एडवांस में कोई राशि जमा करता है, तो एडवांस में जमा की गई राशि को अगले महीने की किश्त में समायोजित कर दिया जाएगा। इसके बावजूद किश्त का भुगतान निर्धारित समय पर करना आवश्यक रहेगा। डिफॉल्ट की स्थिति में योजना के अंतर्गत मिलने वाली छूट समाप्त हो सकती है।
बिजली बिल राहत योजना 2025-26 1 दिसंबर 2025 से लागू की गई है, जो 28 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी। योजना का उद्देश्य आर्थिक कारणों से लंबे समय तक बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाने वाले उपभोक्ताओं को राहत देना है।
योजना के मुख्य प्रावधानों में पुराने बकाया बिजली बिल को किश्तों में जमा करने की सुविधा, पात्र उपभोक्ताओं को निर्धारित छूट, किश्तों के साथ चालू बिजली बिल का समय पर भुगतान अनिवार्य होना, तथा भुगतान में डिफॉल्ट होने पर छूट समाप्त किए जाने का प्रावधान शामिल है।
उपभोक्ताओं के लिए यह स्पष्ट किया गया है कि योजना नई नहीं है, लेकिन किश्त भुगतान और एकमुश्त भुगतान को लेकर स्थिति अब पूरी तरह स्पष्ट कर दी गई है। जो उपभोक्ता तय समय पर किश्त और चालू बिजली बिल जमा करते रहेंगे, वे छूट के साथ अपने पुराने बकाया से राहत पा सकते हैं।












