महाराजगंज में ग्राम प्रधान व स्थानीय निकाय सदस्यों की संगोष्ठी, शिक्षा गुणवत्ता, निपुण लक्ष्य और ऑपरेशन कायाकल्प पर हुआ मंथन

महाराजगंज, रायबरेली | 23 फरवरी 2026
ग्राम प्रधान स्तरीय संगोष्ठी में मंच पर बैठे मुख्य अतिथि, खंड विकास अधिकारी और अन्य
ग्राम प्रधान स्तरीय संगोष्ठी में मंच पर उपस्थित मुख्य अतिथि, खंड विकास अधिकारी, शिक्षा अधिकारी और अन्य गणमान्य।

खंड क्षेत्र में आयोजित ग्राम प्रधान स्तरीय संगोष्ठी में विद्यालयों के कायाकल्प, निपुण अभियान और ऑपरेशन कायाकल्प,शिक्षा की गुणवत्ता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभात साहू एवं खंड विकास अधिकारी वर्षा सिंह की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम की शुरुआत नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभात साहू खंड विकास अधिकारी वर्षा सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। इसके उपरांत सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया, जिसे कंपोजिट विद्यालय महाराजगंज की छात्राओं ने प्रस्तुत किया।

इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी श्री राम मिलन यादव ने अपने संबोधन में विद्यालयों के कायाकल्प और निपुण अभियान से जोड़ते हुए शिक्षा के चौमुखी विकास पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि 19 पैरामीटर में लगभग 90 प्रतिशत कार्य अधिकांश विद्यालयों में पूर्ण हो चुका है। उन्होंने उन सभी ग्राम प्रधानों का धन्यवाद किया, जिन्होंने अपने-अपने विद्यालयों में बेहतर कार्य किया है और उम्मीद जताई कि आगे भी इसी प्रकार प्रयास जारी रहेंगे।

उन्होंने अपने भाषण में प्राथमिक विद्यालय दौतरा को स्वच्छता पुरस्कार मिलने का भी उल्लेख किया और इसके लिए दौतरा ग्राम प्रधान एवं विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक आशीष जी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर भी अपना नाम रोशन करेगा।

इसके उपरांत एसआरजी राघवेंद्र जी ने प्रधानों से आग्रह किया कि वे विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति के प्रति अधिक सजग रहें और अभिभावकों को प्रेरित करें कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें।

ग्राम प्रधान स्तरीय संगोष्ठी में मंच पर प्रस्तुत किया गया कार्यक्रम
ग्राम प्रधान स्तरीय संगोष्ठी के दौरान मंच पर प्रस्तुत किया गया कार्यक्रम और उपस्थित अतिथि।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे पूर्व आरपी मनीष जी ने सर्व शिक्षा अभियान से जुड़े एक कार्यक्रम के लिए जिहवा विद्यालय के छात्रों को मंच पर आमंत्रित किया, जिस कार्यक्रम पर मुख्य अतिथि प्रभात साहू द्वारा ₹500 का पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके बाद केजीबीपी की छात्राओं द्वारा स्वच्छता पर प्रस्तुत कार्यक्रम के लिए भी प्रभात साहू द्वारा ₹500 का पुरस्कार दिया गया।

मुख्य अतिथि प्रभात साहू ने अपने संबोधन में कहा कि पढ़ाई का उचित समय प्रातः 4:00 बजे से शुरू होता है। जो बच्चा जितना अधिक समय पढ़ाई को देगा, वह उतना ही आगे बढ़ेगा और अपने साथ-साथ अपने परिवार का नाम भी रोशन करेगा। उन्होंने इस अवसर पर स्वच्छता पुरस्कार प्राप्त करने पर दौतरा विद्यालय को भी बधाई दी।

प्राथमिक विद्यालय जुगराजपुर के इंचार्ज प्रधानाध्यापक राहुल मौर्य को दिया गया प्रशस्ति पत्र
प्राथमिक विद्यालय जुगराजपुर के इंचार्ज प्रधानाध्यापक को 19 पैरामीटर पूर्ण करने पर प्रदान किया गया प्रशस्ति पत्र।

जुनिहा के प्रधान प्रदीप कुमार ने अपने बच्चों का नामांकन प्राथमिक विद्यालय जुनिया में कराया, जिसके लिए उन्हें सम्मानित किया गया। वहीं, प्राथमिक विद्यालय जुगराजपुर के प्रधानाध्यापक को विद्यालय के सभी 19 पैरामीटर पूर्ण करने पर प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।

खंड विकास अधिकारी वर्षा सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि जैसा की खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया है कि 19 पैरामीटर से संबंधित लगभग 90 प्रतिशत कार्य सभी विद्यालयों में पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने सभी प्रधानों से अनुरोध किया कि शेष कार्य भी प्रधानी के चुनाव से पूर्व ही पूर्ण करा लिए जाएं, ताकि बच्चों की पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा न आए।

उन्होंने बताया कि उन्होंने प्राथमिक विद्यालय दौतरा का दो बार भ्रमण किया है और अभी कुछ प्रधान ऐसे हैं जिन्होंने वहां का दौरा नहीं किया है। उन्होंने सभी प्रधानों से विद्यालय का भ्रमण करने की अपील की। उन्होंने विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक आशीष जी की सराहना करते हुए कहा कि वे बहुत ही कर्मठ और सक्रिय व्यक्ति हैं। उनके सुझाव पर विद्यालय में फर्नीचर की व्यवस्था कराई गई, आरओ प्लांट लगाया गया और इंटरलॉकिंग का कार्य भी प्रगति पर है।

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहयोग करना चाहिए, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण विषय शिक्षा है, जिसके लिए शिक्षक और पंचायत को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को अच्छा शौचालय, स्वच्छ पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि वे विद्यालय पहुंचें और शिक्षक शिक्षा दे कर सभी छात्रों को निपुण बना सकें।

कार्यक्रम में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से जुड़ी सुविधाओं, बालिका शिक्षा, बालिका सुरक्षा और विभिन्न जागरूकता अभियानों की जानकारी भी साझा की गई। ग्राम प्रधानों से अपील की गई कि वे अपने क्षेत्रों में बच्चों के नामांकन और नियमित पढ़ाई के लिए अभिभावकों को प्रेरित करें।

अधिकारियों ने कहा कि शिक्षा ही गांव और समाज के भविष्य की नींव है, और इसके लिए पंचायत, विद्यालय और प्रशासन को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।

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