इंडिगो उड़ानों के रिफंड और मुआवज़े पर डीजीसीए का स्पष्ट बयान

नई दिल्ली | 16 जनवरी 2026
इंडिगो विमान और DGCA कार्यालय की डेस्क दिखाता दृश्य

भारत के नागर विमानन महानिदेशालय निदेशालय जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानों के रिफंड और मुआवज़े को लेकर एक आधिकारिक प्रेस नोट जारी किया है। यह बयान 16 जनवरी 2026 को जारी किया गया, जिसमें 3 से 5 दिसंबर 2025 के बीच प्रभावित यात्रियों से जुड़ी स्थिति को स्पष्ट किया गया है।

डीजीसीए के अनुसार, उक्त अवधि के दौरान परिचालन कारणों से प्रभावित यात्रियों को दिए जाने वाले रिफंड और मुआवज़े के विषय में वह लगातार इंडिगो एयरलाइंस के संपर्क में रहा। इस दौरान कई उड़ानें रद्द की गईं या निर्धारित समय से काफी विलंब से संचालित हुईं।

डीजीसीए ने बताया कि यात्रियों को मुआवज़ा नागरिक उड्डयन आवश्यकताएँ (CAR) के प्रावधानों के तहत प्रदान किया जाता है। इन नियमों के अंतर्गत एयरलाइनों को यह सुनिश्चित करना होता है कि यदि किसी यात्री को उड़ान में देरी, उड़ान रद्द होने या बोर्डिंग से वंचित किया जाता है, तो उसे निर्धारित सुविधाएँ और मुआवज़ा उपलब्ध कराया जाए।

इंडिगो एयरलाइंस ने डीजीसीए को अवगत कराया है कि 3 से 5 दिसंबर 2025 के बीच जिन उड़ानों को रद्द किया गया था, उनके सभी टिकटों का रिफंड पूरी प्रक्रिया के साथ पूरा कर लिया गया है। यह राशि यात्रियों को उनके मूल भुगतान माध्यम, जैसे कार्ड, यूपीआई या बैंक खाते में वापस की गई है।

3 से 5 दिसंबर 2025 के बीच रद्द की गई सभी इंडिगो उड़ानों का रिफंड मूल भुगतान माध्यम में पूरा किया जा चुका है।

इसके अतिरिक्त, जिन यात्रियों की उड़ान निर्धारित प्रस्थान समय से 24 घंटे के भीतर रद्द की गई थी, वे डीजीसीए के नियमों के अनुसार अतिरिक्त मुआवज़े का दावा कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित यात्रियों को एयरलाइंस द्वारा उपलब्ध कराए गए ऑनलाइन माध्यम के जरिए आवेदन करना होगा।

यात्रियों को और राहत प्रदान करने के उद्देश्य से इंडिगो एयरलाइंस ने एक अतिरिक्त सुविधा शुरू की है, जिसे “जेस्चर ऑफ केयर” कहा गया है। इसके अंतर्गत पात्र यात्रियों को ₹5,000 के दो यात्रा वाउचर, यानी कुल ₹10,000 मूल्य के वाउचर दिए जा रहे हैं।

डीजीसीए के अनुसार, ये यात्रा वाउचर 12 महीने तक वैध रहेंगे। यह सुविधा उन यात्रियों पर लागू होगी जिनकी उड़ानें 3 से 5 दिसंबर 2025 के बीच या तीन घंटे से अधिक की देरी से संचालित की गई थीं।

प्रभावित यात्री यह जाँच कर सकते हैं कि वे इस सुविधा के लिए पात्र हैं या नहीं। साथ ही, जिन उड़ानों को “जेस्चर ऑफ केयर” के अंतर्गत शामिल किया गया है, उनकी सूची भी एयरलाइंस की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।

डीजीसीए ने यात्रियों को यह भी सलाह दी है कि टिकट बुकिंग के समय वे अपना सही मोबाइल नंबर और ई-मेल पता अवश्य दर्ज करें। इससे एयरलाइंस को उड़ानों में बदलाव, रद्द होने की सूचना और आवश्यक सहायता समय पर उपलब्ध कराने में सुविधा होती है।

यह मामला सामान्य ज्ञान और सार्वजनिक महत्व की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इससे यह जानकारी मिलती है कि भारत में हवाई यात्रियों को किन परिस्थितियों में रिफंड और मुआवज़े का अधिकार प्राप्त होता है तथा ऐसे मामलों में नियामक संस्थाएँ किस प्रकार निगरानी करती हैं।

कुल मिलाकर, डीजीसीए का यह बयान यह दर्शाता है कि हवाई सेवाओं में उत्पन्न होने वाली समस्याओं के समाधान और यात्रियों के हितों की रक्षा के लिए नियमों के तहत निरंतर कार्रवाई की जाती है।

यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी एवं आधिकारिक वक्तव्यों पर आधारित है।
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