राज्य से सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों में कार्यरत लिपिक कर्मचारियों के वेतन को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने लिपिकों के वर्तमान ग्रेड वेतन ₹1900 को बढ़ाकर ₹2000 करने के प्रस्ताव से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए आवश्यक जानकारियां जुटाने की पहल की है।
जानकारी के अनुसार, इस प्रस्ताव को लेकर पहले भी संबंधित स्तर पर विवरण मंगाया गया था। अब एक बार फिर यह स्पष्ट किया गया है कि अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी जरूरी आंकड़ों का संकलन होना आवश्यक है, ताकि वित्तीय स्थिति का सही आकलन किया जा सके।
बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले राज्य सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों में वर्तमान में कितने लिपिक कार्यरत हैं, इसका विस्तृत ब्यौरा तैयार किया जा रहा है। साथ ही यह भी आकलन किया जा रहा है कि यदि ग्रेड वेतन ₹1900 से बढ़ाकर ₹2000 किया जाता है, तो शासन पर कितना अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
सरकार का मानना है कि किसी भी वेतन संबंधी निर्णय से पहले उसके वित्तीय प्रभाव को समझना आवश्यक होता है। इसी कारण सभी जिलों से प्राप्त जानकारियों को समेकित कर आगे की प्रक्रिया के लिए उपयोग में लाया जाएगा।
फिलहाल यह स्पष्ट किया गया है कि लिपिकों के वेतन में अभी कोई बदलाव लागू नहीं किया गया है। यह प्रक्रिया केवल जानकारी एकत्र करने और प्रस्ताव पर विचार को आगे बढ़ाने से संबंधित है। हालांकि, शासन स्तर पर सक्रियता बढ़ने से कर्मचारियों में उम्मीद जरूर बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि जैसे ही सभी जिलों से पूर्ण और सही जानकारी उपलब्ध हो जाएगी, उसके बाद ग्रेड वेतन बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई संभव हो सकेगी।











