राजस्थान के पूर्व राज्यपाल और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, पद्म विभूषण से सम्मानित स्वर्गीय कल्याण सिंह की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कल्याण सिंह के सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक योगदान को स्मरण किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रद्धेय ‘बाबूजी’ का कार्यकाल सुशासन, विकास और राष्ट्रवादी मिशन को आगे बढ़ाने के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि कल्याण सिंह ने राष्ट्रवाद को अपने जीवन का मूल आधार बनाया और अपने नाम को उत्तर प्रदेश के “कल्याण” से जोड़कर उसे व्यवहार में उतारने का प्रयास किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, कल्याण सिंह का सार्वजनिक जीवन इस बात का उदाहरण है कि सिद्धांतों के साथ किया गया प्रशासन लंबे समय तक स्मरण किया जाता है। उन्होंने कहा कि आज भी उनके कार्यकाल को स्पष्ट निर्णय और प्रशासनिक दृढ़ता के संदर्भ में याद किया जाता है।
जानकारी के अनुसार, कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री दो बार रहे — पहला कार्यकाल: 24 जून 1991 से 6 दिसंबर 1992 और दूसरा कार्यकाल: 21 सितंबर 1997 से 12 नवंबर 1999। उनके कार्यकाल के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त प्रशासनिक रुख अपनाया गया, जिसे उस समय एक महत्वपूर्ण पहल माना गया।
मुख्यमंत्री पद के बाद कल्याण सिंह ने 25 जनवरी 2014 से 25 अगस्त 2019 तक राजस्थान के राज्यपाल के रूप में भी कार्य किया। राज्यपाल के रूप में उनके कार्यकाल को संवैधानिक मर्यादा और निष्पक्ष भूमिका के निर्वहन के लिए जाना जाता है।
उल्लेखनीय है कि कल्याण सिंह का निधन 21 अगस्त 2021 को हुआ था। उनकी पुण्यतिथि प्रत्येक वर्ष 21 अगस्त को मनाई जाती है। इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों द्वारा उन्हें स्मरण किया जाता है।














