परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों के लिए अवकाश नियम: CL, EL, CCL से लेकर मेडिकल व EOL तक पूरी जानकारी

उत्तर प्रदेश | सूचना आधारित

उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं कार्मिकों के लिए विभिन्न प्रकार के अवकाश का प्रावधान किया गया है। इन अवकाशों का उद्देश्य सेवा अवधि के दौरान व्यक्तिगत, पारिवारिक, स्वास्थ्य एवं विशेष परिस्थितियों में सुविधा प्रदान करना है।

शिक्षकों को मिलने वाले अवकाशों में आकस्मिक अवकाश, अर्जित अवकाश, महिला शिक्षकों के लिए विशेष अवकाश, चिकित्सा अवकाश एवं असाधारण अवकाश शामिल हैं। नीचे सभी अवकाशों की जानकारी सारणी (टेबल) के रूप में दी जा रही है।

परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत कार्मिकों को निर्बन्धित अवकाश, प्रतिकर अवकाश एवं अध्ययन अवकाश अनुमन्य नहीं हैं।
अवकाश का प्रकार अवधि / सीमा स्वीकृति अधिकारी मुख्य नियम
आकस्मिक अवकाश (CL) एक शैक्षिक सत्र में 14 दिन हेडमास्टर / BEO एक साथ 3 दिन तक हेडमास्टर, 4 या अधिक पर BEO द्वारा स्वीकृति। विशेष परिस्थिति में 14 दिन तक एक साथ लिया जा सकता है।
अर्जित अवकाश (EL) प्रति सेवा वर्ष 1 दिन BSA सेवा अवधि में कभी भी उपयोग किया जा सकता है।
एबॉर्शन लीव 42 दिन प्रति अवसर BSA केवल महिला कर्मचारियों हेतु। सेवा काल में कितनी भी बार लिया जा सकता है, दो बच्चों की कोई बाध्यता नहीं।
चाइल्ड केयर लीव (CCL) पूरे सेवाकाल में 730 दिन BSA केवल महिला कर्मचारियों हेतु। दो बच्चों तक, एक बार में अधिकतम 30 दिन, एक सत्र में अधिकतम 3 बार।
मैटरनिटी लीव 180 दिन प्रति बच्चा (अधिकतम 2 बच्चे) BSA दो बच्चों तक कुल 360 दिन। दो से अधिक जीवित बच्चों पर देय नहीं। दिव्यांग/असाध्य रोगी की स्थिति में अतिरिक्त अवसर।
चिकित्सा अवकाश पूरे सेवाकाल में 365 दिन BEO / BSA 42 दिन तक BEO, उससे अधिक BSA द्वारा। विशेष मामलों में चिकित्सा परिषद की संस्तुति पर कुल 6 माह तक अतिरिक्त अवकाश संभव।
असाधारण अवकाश (EOL) पूरे सेवाकाल में अधिकतम 5 वर्ष BSA अवकाश वेतन देय नहीं। बीमारी, अध्ययन एवं जनहित कार्य हेतु, देश व विदेश दोनों में मान्य।

असाधारण अवकाश के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होती है। प्रधानाध्यापक द्वारा आवेदन अग्रसारित कर BEO को भेजा जाता है, जिसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा स्वीकृति अथवा अस्वीकृति का निर्णय किया जाता है।

एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी लीव (EOL) से संबंधित प्रमुख प्रावधान

परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत स्थायी कर्मचारियों के लिए असाधारण अवकाश (EOL) से जुड़े नियम निम्नलिखित हैं:

  • पूरे सेवाकाल में स्थायी कर्मचारी को अधिकतम 5 वर्ष तक का एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी लीव अनुमन्य है।
  • परिवीक्षा काल (Probation Period) के दौरान एक बार में 3 माह से अधिक का असाधारण अवकाश देय नहीं है।
  • असाधारण अवकाश की अवधि के लिए कोई अवकाश वेतन देय नहीं होता है।
  • आवश्यकता पड़ने पर इस अवकाश के लिए आवेदन किया जा सकता है, इसके लिए किसी विशेष प्रतिबंध की आवश्यकता नहीं होती।
  • यह अवकाश बीमारी, अध्ययन एवं जनहित कार्य के लिए देश के भीतर और देश के बाहर, दोनों परिस्थितियों में लिया जा सकता है।
  • एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी लीव हेतु आवेदन प्रधानाध्यापक / इंचार्ज द्वारा पोर्टल पर किया जाएगा, जिसे BEO के माध्यम से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को भेजा जाएगा। BSA द्वारा निर्धारित समयावधि में स्वीकृति अथवा अस्वीकृति का निर्णय लिया जाएगा।
नोट: उपरोक्त अवकाश नियम समय-समय पर शासनादेश, विभागीय निर्देश अथवा परिस्थितियों के अनुसार परिवर्तित हो सकते हैं। अवकाश से पूर्व संबंधित कार्यालय अथवा सक्षम अधिकारी से पुष्टि आवश्यक है।
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