उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों और स्कूलों को बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने छात्रों के शैक्षिक रिकॉर्ड में दर्ज त्रुटियों को सुधारने के लिए एक बार फिर अवसर प्रदान किया है।
इस निर्णय से उन छात्रों को लाभ मिलेगा, जिनके नाम, जन्मतिथि, माता-पिता के नाम, विषय, जेंडर या जाति से संबंधित विवरण बोर्ड रिकॉर्ड में गलत दर्ज हो गए थे या किसी कारणवश डिलीट हो गए थे।
बोर्ड के आदेश के अनुसार छात्र और स्कूल नाम या अभिभावक के नाम में सुधार, जन्मतिथि संशोधन, विषय परिवर्तन, जेंडर अथवा जाति सुधार, छात्र का नाम डिलीट होने की स्थिति में पुनः जोड़ने तथा डिलीट रिकॉर्ड को रिस्टोर कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
यूपी बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि छात्र स्वयं सीधे आवेदन नहीं कर सकेंगे। सभी आवेदन प्रधानाचार्य के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे और आवश्यक दस्तावेज विद्यालय स्तर पर प्रमाणित किए जाएंगे।
विद्यालयों द्वारा भेजे गए सभी मामलों की अंतिम जांच जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) द्वारा की जाएगी, जिसके बाद विवरण बोर्ड कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों के रिकॉर्ड की गंभीरता से जांच करें, ताकि भविष्य में परीक्षा परिणाम या प्रमाणपत्र से संबंधित कोई समस्या न उत्पन्न हो।
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार शैक्षिक दस्तावेजों में जन्मतिथि, नाम या विषय से जुड़ी त्रुटियां आगे की पढ़ाई, नौकरी, छात्रवृत्ति और आरक्षण से संबंधित प्रक्रियाओं में बाधा उत्पन्न कर सकती हैं। इसी कारण छात्रों को समय रहते रिकॉर्ड सत्यापित कराने की सलाह दी गई है।
बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे विद्यालय में उपलब्ध पंजीकरण विवरण और नामावली की जांच करें तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर तुरंत प्रधानाचार्य को सूचित करें।











