यूपी पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, वोटर लिस्ट 28 मार्च को फाइनल

लखनऊ | 07 जनवरी 2026
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया
पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को अद्यतन और दुरुस्त करने का विस्तृत कार्यक्रम सार्वजनिक किया है, जिसके अनुसार 28 मार्च 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए और मतदाता सूची पूरी तरह सही एवं पारदर्शी रहे।

मतदाता सूची को दुरुस्त करने की यह प्रक्रिया चार चरणों में पूरी की जा रही है। यह पूरी कवायद संविधान के अनुच्छेद 243-K और उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 के अंतर्गत राज्य निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारियों के तहत की जा रही है, ताकि चुनाव से पहले मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे।

कार्यक्रम के पहले चरण में 07 जनवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 के बीच मतदाताओं से प्राप्त दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद जिन मतदाताओं के नाम जोड़े, हटाए या सुधारे गए हैं, उनकी हस्तलिखित पाण्डुलिपियाँ तैयार कर सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय में जमा की जाएँगी। इसी अवधि में ऐसे मतदाताओं की पहचान और जांच भी की जाएगी, जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज होने की संभावना है। सत्यापन के बाद डुप्लीकेट नामों को हटाकर सूची को शुद्ध किया जाएगा।

दूसरे चरण में 21 फरवरी 2026 से 16 मार्च 2026 तक पूरक सूचियों का कम्प्यूटरीकरण किया जाएगा और उन्हें पुरानी मतदाता सूची के साथ जोड़ा जाएगा। इस दौरान नाम, पता, उम्र और अन्य विवरणों से जुड़ी त्रुटियों को सुधारा जाएगा। साथ ही यह भी तय किया जाएगा कि कौन-सा मतदाता किस मतदान केंद्र या स्थल पर मतदान करेगा। जरूरत पड़ने पर नए मतदान केंद्र बनाए जाने या पुराने केंद्रों की सीमाओं में बदलाव की प्रक्रिया भी इसी चरण में पूरी की जाएगी।

सभी चरणों के पूरा होने के बाद 28 मार्च 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा, जिसके बाद उसमें किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं किया जाएगा।

इसके बाद 17 मार्च 2026 से 27 मार्च 2026 के बीच मतदाताओं को उनके संबंधित मतदान केंद्रों से जोड़ा जाएगा। मतदान केंद्रों के नाम और नंबर तय होंगे, प्रत्येक मतदाता को क्रमांक दिया जाएगा और SVN नंबर आवंटित किया जाएगा। यहां SVN का पूरा नाम Serial Voter Number है, जो मतदाता सूची में मतदाता की पहचान और क्रम निर्धारित करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसी चरण में मतदाता सूची की छायाप्रति यानी प्रिंट कॉपी भी तैयार की जाएगी।

सभी चरण पूरे होने के बाद 28 मार्च 2026 को मतदाता सूची का जनसामान्य के लिए अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद सूची में किसी भी तरह का संशोधन नहीं किया जाएगा और पंचायत एवं स्थानीय निकाय चुनाव इसी फाइनल मतदाता सूची के आधार पर कराए जाएँगे। चुनावी प्रक्रिया से जुड़े जानकारों के अनुसार, मतदाता सूची के अंतिम रूप से प्रकाशित होने के बाद अप्रैल या मई 2026 में पंचायत चुनाव कराए जाने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि चुनाव तिथियों की औपचारिक घोषणा संबंधित प्राधिकरण द्वारा बाद में की जाएगी। आयोग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके नाम या विवरण में कोई त्रुटि है, तो समय रहते उसका समाधान जरूर करा लें, ताकि चुनाव के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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