अब यूपी में ही होगा प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड का प्रशिक्षण, ट्रेनिंग संस्थानों को मिलेगी सरकारी मान्यता

लखनऊ | 14 फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश पुलिस के अपर पुलिस महानिदेशक एल. आर. कुमार प्राइवेट सिक्योरिटी प्रशिक्षण से जुड़ी नई व्यवस्था पर वीडियो संदेश देते हुए
प्राइवेट सिक्योरिटी प्रशिक्षण व्यवस्था पर जानकारी देते एडीजी कानून एवं व्यवस्था एल. आर. कुमार

उत्तर प्रदेश में प्राइवेट सुरक्षा क्षेत्र को अधिक व्यवस्थित और मानकीकृत बनाने की दिशा में एक नई पहल की गई है। इसके तहत प्राइवेट सुरक्षा गार्ड और सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षण संस्थानों को मान्यता देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस उद्देश्य से एक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की गई है, जिसके माध्यम से राज्य में संचालित होने वाले प्रशिक्षण संस्थानों को निर्धारित मानकों के अनुसार अनुज्ञप्ति प्रदान की जाएगी।

प्राइवेट सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी यह प्रक्रिया प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण (विनियमन) अधिनियम, 2005 और इसके अंतर्गत बनाई गई प्राइवेट सुरक्षा अभिकरण नियमावली, 2009 पर आधारित है, जिसमें वर्ष 2023 में संशोधन किया गया था। इन प्रावधानों के तहत राज्य में इस कानून के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) को नियंत्रक प्राधिकारी के रूप में सौंपी गई है।

राज्य में वर्तमान में कुल 3097 लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। अब तक कई लाइसेंसधारी संस्थाएं अन्य राज्यों में स्थित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से अपने सुरक्षा कर्मियों को प्रशिक्षित कराती रही हैं, लेकिन नई व्यवस्था के बाद उत्तर प्रदेश में ही प्रशिक्षण संस्थानों को लाइसेंस देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

नई एसओपी भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार की गई है। इसके अंतर्गत प्राइवेट सुरक्षा गार्ड और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित करने वाले संस्थानों को अनुज्ञप्ति प्रदान की जाएगी। यह अनुज्ञप्ति अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था), उत्तर प्रदेश द्वारा जारी की जाएगी, जिससे प्रशिक्षण व्यवस्था पर प्रशासनिक निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

प्रशिक्षण संस्थानों को मान्यता देने की प्रक्रिया राज्य में निर्धारित मानकों के अनुसार लागू की जाएगी।

इस पहल से अन्य राज्यों पर प्रशिक्षण के लिए निर्भरता कम होने, लागत और समय की बचत होने, तथा प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही प्रशिक्षण संस्थानों पर प्रशासनिक नियंत्रण से उनकी गुणवत्ता और कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार की अपेक्षा की जा रही है। बेहतर प्रशिक्षण से प्राइवेट सुरक्षा कर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ने और सार्वजनिक व निजी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना बताई जा रही है।

प्रशिक्षण संस्थानों की अनुज्ञप्ति से संबंधित विस्तृत जानकारी उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट uppolice.gov.in पर उपलब्ध कराई गई है।

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