रायबरेली जनपद के प्राथमिक विद्यालय बछरावां में होली के पावन अवसर पर शिक्षकों के सम्मान और संवाद का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के कई वर्तमान और सेवानिवृत्त शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूर्व विधायक रामलाल अकेला ने भी सहभागिता की और शिक्षकों को होली की शुभकामनाएं देते हुए समाज निर्माण में उनके योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम का आयोजन नगर पंचायत अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह उर्फ राम जी के सहयोग से किया गया, जिनके प्रयासों से क्षेत्र के कई सेवानिवृत्त शिक्षकों को एक स्थान पर आमंत्रित कर उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों के साथ संवाद और विचार-विमर्श भी हुआ, जिसमें शिक्षा और समाज के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
पूर्व विधायक रामलाल अकेला ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक समाज के नव निर्माण की आधारशिला होते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में बैठे बच्चों तक शिक्षा पहुंचाकर शिक्षक देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों के सम्मान को गौरव की बात बताते हुए सभी को होली की शुभकामनाएं दीं।
नगर पंचायत अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह ने भी कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षक माताओं और बहनों को दीर्घायु होने की कामना की तथा कहा कि उनका आशीर्वाद समाज और नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान करना समाज के प्रति सम्मान व्यक्त करने जैसा है।
कार्यक्रम में शिक्षिका शांति अकेला भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने शिक्षकों के बीच संवाद में सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान कई शिक्षकों ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और बताया कि देश का विकास तभी संभव है जब शिक्षा व्यवस्था मजबूत और प्रभावी हो।
विद्यालय के प्रधानाचार्य बुद्धि प्रकाश अवस्थी ने बताया कि हर वर्ष होली के अवसर पर इस प्रकार का आयोजन किया जाता है, जिसमें क्षेत्र के शिक्षक एकत्रित होकर संवाद और सम्मान का वातावरण बनाते हैं। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर एक छोटी शैक्षिक संगोष्ठी भी आयोजित होती है, जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में नई पद्धतियों और सरकारी योजनाओं पर चर्चा की जाती है।
इस आयोजन का उद्देश्य शिक्षकों के बीच विचारों का आदान-प्रदान करना और शिक्षा से जुड़ी नई पहल तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा करना भी रहा। शिक्षकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से शिक्षा के क्षेत्र में नई सोच और सकारात्मक वातावरण विकसित होता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को और मजबूत बनाने में मदद मिलती है।








