रायबरेली में विकसित हो रहे सांस्कृतिक और शैक्षिक ढांचे को मजबूती देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने निर्माणाधीन सभागार एवं पुस्तकालय का निरीक्षण किया। परियोजना के प्रथम चरण का करीब 90% कार्य पूरा हो चुका है, जिससे जिले के विद्यार्थियों और सांस्कृतिक गतिविधियों को नया मंच मिलने की उम्मीद है।
यह निरीक्षण अवध केसरी राणा बेनी माधव बख्श सिंह की स्मृति में बन रहे सभागार परिसर में किया गया। अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना न केवल एक भवन निर्माण तक सीमित है, बल्कि इसे जिले के शैक्षिक, सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजनों का केंद्र बनाने की योजना है।
कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने बताया कि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुरूप प्रगति पर है। पहले चरण (फेज-01) का अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका है और शेष कार्य तेजी से जारी है।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक उपयोग की परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर इस परियोजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। शिक्षा से जुड़े लोगों का मानना है कि आधुनिक पुस्तकालय बनने से छात्रों को बेहतर अध्ययन संसाधन मिलेंगे, वहीं सभागार जिले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सरकारी आयोजनों के लिए उपयोगी साबित होगा।
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क्या है पूरा मामला?
रायबरेली में राणा बेनी माधव बख्श सिंह की स्मृति में एक आधुनिक सभागार और पुस्तकालय का निर्माण किया जा रहा है। जिलाधिकारी द्वारा किए गए निरीक्षण में बताया गया कि परियोजना का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाएगा।
किन लोगों पर असर पड़ेगा?
इस परियोजना से जिले के छात्रों, शिक्षकों, सांस्कृतिक संगठनों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। पुस्तकालय से शैक्षिक संसाधन बढ़ेंगे, जबकि सभागार सार्वजनिक कार्यक्रमों और आयोजनों के लिए उपयोगी रहेगा।









