FSSAI का सख्त आदेश: केमिकल से फल पकाने पर देशभर में कार्रवाई होगी तेज

नई दिल्ली | 17 अप्रैल 2026
फल मंडी में रखे आम और केले, जिन पर कृत्रिम पकाने के खिलाफ सख्ती की गई
फलों को कृत्रिम रूप से पकाने पर FSSAI ने सख्त निर्देश जारी किए

खबर एक नजर में

1 कैल्शियम कार्बाइड से फल पकाना पूरी तरह प्रतिबंधित
2 देशभर में मंडियों और गोदामों पर सख्त जांच के निर्देश
3 अवैध केमिकल मिलने पर तुरंत कानूनी कार्रवाई संभव
4 फल व्यापारियों और विक्रेताओं पर निगरानी बढ़ाई गई
5 उपभोक्ताओं को सावधानी से फल खरीदने की सलाह

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देशभर में फलों को कृत्रिम रूप से पकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले अवैध रसायनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जारी निर्देशों के अनुसार, सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को फल मंडियों, गोदामों और थोक बाजारों में निरीक्षण बढ़ाने के लिए कहा गया है। विशेष रूप से उन स्थानों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं जहां आम, केला और पपीता जैसे फलों का भंडारण किया जाता है।

FSSAI ने यह भी उल्लेख किया है कि कुछ खाद्य व्यवसाय संचालक एथेफोन जैसे रसायनों का उपयोग कर रहे हैं, जो नियमों के विपरीत है। प्राधिकरण के अनुसार, फलों को पकाने के लिए केवल नियंत्रित परिस्थितियों में एथिलीन गैस का सुरक्षित उपयोग ही स्वीकार्य है।

कैल्शियम कार्बाइड (“मसाला”) का उपयोग फलों को पकाने के लिए प्रतिबंधित है और इसके पाए जाने पर इसे कानूनी कार्रवाई के लिए प्रमाण माना जाएगा।

निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि किसी परिसर या फल के भंडारण स्थल पर प्रतिबंधित पदार्थ पाया जाता है, तो उसे साक्ष्य मानते हुए संबंधित खाद्य व्यवसाय संचालक (FBO) के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए प्रवर्तन अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

आम जनता के संदर्भ में, प्राधिकरण ने बताया कि ऐसे रसायनों से पके फल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इनमें उल्टी, त्वचा संबंधी समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य जोखिम शामिल हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को भी फलों की खरीदारी के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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