भारतीय नौसेना का आईएनएस सुनयना, जिसे पोत सागर मिशन के तहत तैनात किया गया है, 4 मई 2026 को म्यांमार के यंगून बंदरगाह पहुंचा। इस मिशन का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है। भारतीय नौसेना के अनुसार यह अभियान भारत के महासागर विजन और पड़ोसी प्रथम नीति के तहत संचालित किया जा रहा है।
भारतीय नौसेना का आईएनएस सुनयना इस वर्ष पोत सागर मिशन के तहत लगातार कई देशों की यात्रा कर चुका है। मिशन की शुरुआत अप्रैल 2026 में हुई थी। इसके बाद यह पोत सबसे पहले मालदीव की राजधानी माले पहुंचा। फिर थाईलैंड के फुकेत बंदरगाह, इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता और सिंगापुर के चांगी नौसैनिक अड्डे की यात्रा करने के बाद अब म्यांमार के यंगून बंदरगाह पहुंचा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मिशन हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती समुद्री सक्रियता, रणनीतिक साझेदारी और मित्र देशों के साथ सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यंगून बंदरगाह पहुंचने पर म्यांमार नौसेना ने भारतीय दल का औपचारिक स्वागत किया। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच पेशेवर बैठकें, प्रशिक्षण संस्थानों का दौरा और अनुभव साझा करने के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही नौसैनिक कर्मियों के बीच मैत्रीपूर्ण खेल गतिविधियों का भी आयोजन होगा।
भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी की म्यांमार यात्रा को भी इसी समुद्री सहयोग मिशन से जोड़कर देखा जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत और म्यांमार के बीच रक्षा संबंधों और समुद्री सुरक्षा सहयोग को नई मजबूती मिल सकती है।
भारत पिछले कुछ वर्षों से हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी समुद्री रणनीति को लगातार मजबूत कर रहा है। समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से यह क्षेत्र भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यही वजह है कि भारतीय नौसेना मित्र देशों के साथ संयुक्त अभ्यास, बंदरगाह यात्राएं और सामरिक सहयोग को लगातार बढ़ा रही है।
पोत सागर मिशन को भारत के महासागर विजन (Mutual and Holistic Advancement for Security Across Regions) से जोड़ा जाता है। इस पहल का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में सामूहिक सुरक्षा, समुद्री स्थिरता, मानवीय सहायता और रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देना है। यह मिशन भारत की पड़ोसी प्रथम नीति (Neighbourhood First Policy) के तहत भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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पोत सागर मिशन क्या है?
यह भारतीय नौसेना का समुद्री सहयोग मिशन है, जिसके तहत हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के साथ सुरक्षा, प्रशिक्षण और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत किया जा रहा है।
आईएनएस सुनयना किन देशों की यात्रा कर चुका है?
अप्रैल 2026 से अब तक आईएनएस सुनयना मालदीव, थाईलैंड, इंडोनेशिया, सिंगापुर और म्यांमार की यात्रा कर चुका है।
महासागर विजन का उद्देश्य क्या है?
इस पहल का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय सहयोग, मानवीय सहायता और रणनीतिक स्थिरता को मजबूत करना है।

