संक्षेप में
रायबरेली के डिग्री कॉलेज चौराहे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का धरना चल रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन में वरिष्ठ समाजसेवी एवं श्री फाउंडेशन के अध्यक्ष मनोज द्विवेदी ‘दादा श्री’ भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान की रक्षा का मुद्दा उठाते हुए आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही।
“मैं सड़क पर इसलिए हूं क्योंकि सवाल संविधान का है” — ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर रायबरेली में कांग्रेस का धरना
रायबरेली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर रायबरेली में कांग्रेस का धरना जारी है। शहर के डिग्री कॉलेज चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी कर रहे हैं। धरने में वरिष्ठ समाजसेवी एवं श्री फाउंडेशन के अध्यक्ष मनोज द्विवेदी ‘दादा श्री’ ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न सवालों को लेकर है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता तथा जवाबदेही महत्वपूर्ण है।
डिग्री कॉलेज चौराहे पर जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता
रायबरेली शहर के प्रमुख डिग्री कॉलेज चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के धरने के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। रायबरेली कांग्रेस जिला अध्यक्ष पंकज तिवारी के नेतृत्व में चल रहे इस प्रदर्शन में स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
धरने में शामिल मनोज द्विवेदी ‘दादा श्री’ ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठाती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 12 वर्षों से सरकार जंगलराज की तरह चल रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस के क्या आरोप हैं?
ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था। उनके कार्यकाल में चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से विशेष रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तथा मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पर्याप्त पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
वहीं, निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव संबंधी प्रक्रियाओं को संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों के तहत संचालित किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में इस मुद्दे पर कांग्रेस के आरोप और निर्वाचन आयोग का पक्ष अलग-अलग हैं।
रायबरेली में आंदोलन का स्थानीय संदर्भ
रायबरेली में कांग्रेस का यह प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब पार्टी संगठन की ओर से चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर देश और प्रदेश स्तर पर विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिला मुख्यालय पर धरना देकर स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व ने इस मुद्दे को जिले के राजनीतिक विमर्श में भी उठाया है।
मनोज द्विवेदी ने बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
धरने में शामिल मनोज द्विवेदी ‘दादा श्री’ ने कहा कि यदि उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता आने वाले समय में बड़े जनआंदोलन की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
उन्होंने संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा को आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बताते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने की बात कही।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में जारी है धरना
धरने का नेतृत्व कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी कर रहे हैं। उनके साथ पार्टी के अन्य स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हैं। कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर नारेबाजी और विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन को अलग-अलग स्तरों पर जारी रखा जाएगा।
प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी
डिग्री कॉलेज चौराहा रायबरेली शहर का प्रमुख आवागमन क्षेत्र है। यहां राजनीतिक धरना होने के कारण स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सामने यातायात व्यवस्था तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भी रहती है।
फिलहाल डिग्री कॉलेज चौराहे पर धरना ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के रूप में जारी है।











