संक्षेप में
भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। सूची में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं। राज्यसभा चुनाव के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है।
विस्तृत समाचार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को अपने आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने इन नामों को मंजूरी दी है। पार्टी की ओर से जारी सूची में सरकार में मंत्री, संगठन से जुड़े नेता, पूर्व सांसद और नए चेहरों को जगह दी गई है।
भाजपा ने धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया है। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है।
धर्मपाल सिंह कौन हैं?
धर्मपाल सिंह उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और बरेली की आंवला विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। वह लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं और योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। राज्यसभा के लिए उनका नाम घोषित होने से विधानसभा राजनीति के साथ अब उच्च सदन की राजनीति में उनकी भूमिका की संभावना बनी है।
राधाकांत ओझा का कानूनी क्षेत्र से जुड़ाव
राधाकांत ओझा इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। वह इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। भाजपा ने उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। उनके नाम के साथ कानूनी और संगठनात्मक पृष्ठभूमि प्रमुख रूप से सामने आती है।
प्रकाश पाल भाजपा के ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष
प्रकाश पाल भाजपा के संगठन से जुड़े नेता हैं। वह उत्तर प्रदेश भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। पार्टी में उनकी भूमिका पिछड़े वर्गों के बीच संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ी रही है। राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम संगठन से जुड़े प्रमुख चेहरों में शामिल है।
विद्यासागर सोनकर का रहा है संसदीय अनुभव
विद्यासागर सोनकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। वह उत्तर प्रदेश से लोकसभा सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य और भाजपा संगठन में प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। पूर्वांचल की राजनीति में उनका संगठनात्मक अनुभव लंबे समय से रहा है।
गोपी कृष्ण पांडेय संगठन में सक्रिय रहे
गोपी कृष्ण पांडेय भाजपा के संगठन से जुड़े नेता रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह पार्टी के किसान मोर्चा से जुड़े रहे और विभिन्न राज्यों में किसान मोर्चे की जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं। उनकी पहचान अपेक्षाकृत संगठनात्मक और लो-प्रोफाइल राजनीतिक चेहरे के रूप में सामने आती रही है।
प्रियंका सिंह रावत की राज्यसभा के लिए दावेदारी
प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी से भाजपा की पूर्व लोकसभा सांसद हैं। उन्होंने 2014 का लोकसभा चुनाव बाराबंकी से जीता था। 16वीं लोकसभा के दौरान वह संसदीय समिति की सदस्य भी रही थीं। अब भाजपा ने उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है।
राम प्रताप सिंह चौहान का विधानसभा और संगठन का अनुभव
राम प्रताप सिंह चौहान भाजपा के संगठन से जुड़े नेता हैं। वह आगरा की एत्मादपुर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं और पार्टी के प्रदेश संगठन में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वर्तमान राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम संगठनात्मक अनुभव वाले नेताओं में शामिल है।
श्रुति गंगवार को भी मिला राज्यसभा का टिकट
श्रुति गंगवार भाजपा की घोषित सूची में शामिल दो महिला उम्मीदवारों में से एक हैं। वह बरेली की अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की चेयरपर्सन हैं। उनका संबंध वरिष्ठ भाजपा नेता और झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार के परिवार से है। भाजपा ने उन्हें भी उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है।
मौजूदा सांसदों में हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा का नाम नहीं
भाजपा की ओर से जारी नई सूची में मौजूदा राज्यसभा सदस्य हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा के नाम नहीं हैं। रिपोर्टों के अनुसार उत्तर प्रदेश से कार्यकाल पूरा कर रहे भाजपा के मौजूदा राज्यसभा सदस्यों में से किसी को इस बार दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। पार्टी की ओर से उम्मीदवारों की घोषणा में इसके अलग-अलग कारण नहीं बताए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में 10 सीटों पर चुनाव
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी और उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 16 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले अहम राजनीतिक घटनाक्रम
उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे समय में राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा की ओर से घोषित उम्मीदवारों की सूची को प्रदेश की राजनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। सूची में सरकार में जिम्मेदारी संभाल रहे नेताओं के साथ पार्टी संगठन में सक्रिय चेहरों और पूर्व सांसदों को भी जगह मिली है।
उम्मीदवारों के चयन के पीछे पार्टी की विस्तृत रणनीति को लेकर अलग-अलग राजनीतिक विश्लेषण सामने आ सकते हैं, लेकिन भाजपा की आधिकारिक घोषणा में प्रत्येक नाम के चयन का अलग कारण नहीं बताया गया है। इसलिए फिलहाल उम्मीदवारों की घोषित सूची और उनके सार्वजनिक राजनीतिक परिचय के आधार पर ही जानकारी सामने रखी गई है।













