गोरखपुर के बाबा गंभीर नाथ प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए बताया कि प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्रों को ₹18,000 प्रतिमाह मानदेय देने का निर्णय लागू कर दिया गया है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षामित्रों को ₹18,000 मानदेय का प्रतीकात्मक चेक भी वितरित किया गया। यह व्यवस्था अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी गई है। इसी के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों में शिक्षामित्र सम्मान समारोह आयोजित किए गए।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व में शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक के रूप में समायोजित करने की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप नहीं थी। उन्होंने बताया कि नियुक्ति से पहले आवश्यक नियमावली और प्रावधान पूरे नहीं किए गए थे, जिसके चलते न्यायिक स्तर पर इस व्यवस्था को निरस्त किया गया।
उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों की सेवाओं पर प्रभाव पड़ा और लगभग डेढ़ लाख परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा होने की स्थिति बन गई थी। ऐसे में सरकार के सामने चुनौती थी कि इन परिवारों को राहत दी जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 में उनकी सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय ₹3,500 से बढ़ाकर ₹10,000 किया था। इसके बाद समय-समय पर समीक्षा करते हुए अब इसे बढ़ाकर ₹18,000 कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षामित्रों को आर्थिक रूप से सहयोग देना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार पहले से इस विषय पर कार्य कर रही थी और शिक्षामित्रों को सहयोग देने के लिए तैयार थी। उन्होंने यह जानकारी भी दी कि बढ़ा हुआ मानदेय अप्रैल महीने से ही प्रदान किया जा रहा है।
राज्य स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम के समानांतर रायबरेली में भी गोपाल सरस्वती इंटर कॉलेज में शिक्षामित्र सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यहां मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के दौरान विभागीय स्टालों का निरीक्षण किया गया और शिक्षामित्रों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षामित्रों को मानदेय वृद्धि से संबंधित जानकारी भी दी गई।
समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए, जिसमें अवंतिका नामक छात्रा द्वारा कत्थक नृत्य की प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा।
स्थानीय स्तर पर इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षामित्रों को सरकार के निर्णयों से अवगत कराना और उनके योगदान को मान्यता देना रहा। बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों की उपस्थिति इस आयोजन की प्रमुख विशेषता रही।
इस निर्णय का प्रभाव ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था पर भी देखा जा सकता है, जहां शिक्षामित्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है। मानदेय बढ़ने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना जताई जा रही है।
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मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व की प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं हुआ था, जिसके बाद न्यायालय के आदेश के चलते स्थिति बदली और सरकार ने राहत देने के लिए मानदेय बढ़ाया।
मानदेय वृद्धि का लाभ कब से मिल रहा है?
बढ़ा हुआ मानदेय अप्रैल 2026 से लागू किया गया है और उसी समय से इसका लाभ दिया जा रहा है।
रायबरेली कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं क्या रहीं?
रायबरेली में शिक्षामित्र सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षामित्रों को सम्मानित किया गया, विभागीय स्टाल लगाए गए और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।














