उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड व्यवस्था में बदलने को लेकर नया संशोधित आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार जिन उपभोक्ताओं की सिक्योरिटी राशि पहले एडजस्ट की गई थी, अब वह रकम चार किस्तों में बिजली बिल में जोड़ी जाएगी। यह व्यवस्था जून 2026 से लागू होगी।
यह आदेश UPPCL के प्रबंध निदेशक की ओर से जारी किया गया है। विभाग के अनुसार पहले जारी निर्देश में संशोधन करते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि प्रीपेड से पोस्टपेड में बदलाव के दौरान जो सिक्योरिटी धनराशि समायोजित की गई थी, उसे अब चार बराबर हिस्सों में उपभोक्ताओं के आगामी बिलों में जोड़ा जाएगा।
पिछले कुछ समय से उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को लेकर लगातार चर्चा चल रही थी। कई उपभोक्ताओं ने बैलेंस खत्म होने पर बिजली कटने, रिचार्ज संबंधी दिक्कतों और बिलिंग को लेकर शिकायतें दर्ज कराई थीं। इसके बाद सरकार ने कई क्षेत्रों में स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड प्रणाली में बदलने का फैसला लिया।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पोस्टपेड व्यवस्था में उपभोक्ताओं को पहले की तरह हर महीने बिल मिलेगा। इससे उन उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है जिन्हें बार-बार रिचार्ज और बैलेंस मॉनिटरिंग में परेशानी हो रही थी।
आखिर कौन सी सिक्योरिटी राशि वापस जोड़ी जा रही है?
इसे आसान भाषा में समझें तो जब कोई उपभोक्ता सामान्य पोस्टपेड बिजली कनेक्शन लेता है, तब बिजली विभाग उससे एक सिक्योरिटी मनी या जमानत राशि जमा कराता है। यह रकम विभाग सुरक्षा के तौर पर रखता है ताकि भविष्य में बिल बकाया रहने की स्थिति में उसका उपयोग किया जा सके।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी उपभोक्ता ने वर्षों पहले नया बिजली कनेक्शन लेते समय ₹2000 सिक्योरिटी जमा कराई थी, तो स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के दौरान वह राशि एडजस्ट कर दी गई थी। अब चूंकि मीटर फिर पोस्टपेड व्यवस्था में लौट रहे हैं, इसलिए विभाग वही सिक्योरिटी राशि वापस ले रहा है। हालांकि उपभोक्ताओं पर अचानक बोझ न पड़े, इसलिए इसे चार किस्तों में बिल में जोड़ा जाएगा।
आगरा, कानपुर, फिरोजाबाद, फतेहपुर, प्रयागराज और रायबरेली समेत कई जिलों में स्मार्ट मीटरों को लेकर पहले भी उपभोक्ताओं की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। ऊर्जा विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था से बिलिंग प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है।
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क्या सभी उपभोक्ताओं के बिल में अतिरिक्त रकम जुड़ेगी?
विभाग के अनुसार केवल उन्हीं उपभोक्ताओं की एडजस्ट की गई सिक्योरिटी राशि वापस जोड़ी जाएगी जिनके मामलों में यह समायोजन पहले किया गया था।
बिल में यह राशि कब से दिखाई दे सकती है?
आदेश के मुताबिक जून 2026 से यह राशि चार किस्तों में आगामी बिजली बिलों में जोड़ी जाएगी।
पोस्टपेड व्यवस्था में उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?
पोस्टपेड प्रणाली में उपभोक्ताओं को पहले की तरह मासिक बिल मिलेगा और उन्हें बार-बार रिचार्ज कराने की आवश्यकता नहीं होगी।















