यूपी में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर होंगे पोस्टपेड, उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत

लखनऊ | 07 मई 2026
यूपी में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर को पोस्टपेड में बदलने की व्यवस्था
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटरों को पोस्टपेड मोड में बदलने की तैयारी शुरू हो गई है।

उत्तर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटरों को पोस्टपेड मोड में बदलने का फैसला किया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके साथ ही पुराने बकाये को किस्तों में जमा करने की सुविधा भी दी जाएगी।

UPPCL द्वारा जारी निर्देश के अनुसार आरडीएसएस योजना के तहत लगाए गए सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को चरणबद्ध तरीके से पोस्टपेड मोड में बदला जाएगा। विभाग का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा मिलेगी और बिजली बिल भुगतान की प्रक्रिया पहले से आसान होगी।

नई व्यवस्था के तहत मई 2026 की बिजली खपत का बिल जून 2026 में पोस्टपेड पद्धति से जारी किया जाएगा। उपभोक्ताओं को हर महीने की 10 तारीख तक बिजली बिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी क्षेत्र में नेटवर्क या ऑटोमैटिक रीडिंग की समस्या आती है तो मैनुअल रीडिंग लेकर बिल जारी किया जाएगा।

घरेलू उपभोक्ताओं को 30 अप्रैल 2026 तक के बकाये को 10 किस्तों में जमा करने की सुविधा दी जाएगी। वहीं अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को तीन किस्तों में भुगतान करने का विकल्प मिलेगा।

बिजली बिल उपभोक्ताओं को SMS और व्हाट्सएप के माध्यम से भी भेजा जाएगा। जिन उपभोक्ताओं को समय पर बिल प्राप्त नहीं होगा, वे संबंधित डिस्कॉम के व्हाट्सएप चैटबॉट पर अपनी संयोजन संख्या भेजकर बिल प्राप्त कर सकेंगे।

इसके लिए अलग-अलग विद्युत वितरण निगमों के व्हाट्सएप नंबर जारी किए गए हैं। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के लिए 8010968292, मध्यांचल के लिए 7669003409, पश्चिमांचल के लिए 7859804803, दक्षिणांचल के लिए 8010957826 और केस्को कानपुर के लिए 8287835233 नंबर जारी किया गया है।

उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन के माध्यम से भी बिजली बिल प्राप्त कर सकेंगे और शिकायत दर्ज करा सकेंगे। विभाग ने 15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक विशेष शिकायत निस्तारण कैंप लगाने का भी निर्णय लिया है, जहां स्मार्ट मीटर और बिलिंग संबंधी शिकायतों का समाधान किया जाएगा।

नई व्यवस्था के अनुसार बिल जारी होने के बाद उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए 15 दिन का समय मिलेगा। इसके बाद 7 दिन का अतिरिक्त समय डिस्कनेक्शन डेट के रूप में दिया जाएगा। समय पर भुगतान न करने पर नियमानुसार विलंब अधिभार लगाया जाएगा।

स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर पिछले कुछ समय से प्रदेश के कई जिलों में उपभोक्ताओं की शिकायतें सामने आ रही थीं। खासकर बार-बार रिचार्ज खत्म होने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतों को देखते हुए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभाग का दावा है कि पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने से उपभोक्ताओं को अधिक राहत मिलेगी।

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स्मार्ट प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में बदलने का फायदा क्या होगा?

नई व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को हर समय रिचार्ज कराने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले बिजली उपयोग की जा सकेगी और बाद में बिल जमा किया जाएगा।

बकाया बिजली बिल जमा करने के लिए क्या सुविधा मिलेगी?

घरेलू उपभोक्ता पुराने बकाये को 10 किस्तों में जमा कर सकेंगे, जबकि अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को तीन किस्तों में भुगतान करने की सुविधा दी जाएगी।

यदि बिजली बिल समय पर नहीं मिले तो क्या करना होगा?

उपभोक्ता संबंधित डिस्कॉम के व्हाट्सएप चैटबॉट पर अपनी संयोजन संख्या भेजकर बिल प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा 1912 हेल्पलाइन पर भी सहायता उपलब्ध रहेगी।

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