गंगा एक्सप्रेसवे अब उत्तर प्रदेश में चालू हो चुका है। 29 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया। मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह 594 किलोमीटर लंबा मार्ग राज्य के 12 जिलों के लोगों, व्यापार और रोजमर्रा की आवाजाही पर सीधा असर डालने वाला है।
यह एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की परिवहन संरचना में बड़े बदलाव का संकेत है। पश्चिमी यूपी के औद्योगिक क्षेत्रों से लेकर पूर्वी यूपी के कृषि आधारित इलाकों तक अब तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। इससे माल ढुलाई में लगने वाला समय और लागत दोनों कम होने की संभावना है।
रायबरेली, उन्नाव और आसपास के जिलों के लिए यह परियोजना विशेष महत्व रखती है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि अब बड़े शहरों तक पहुंच पहले की तुलना में कहीं तेज हो जाएगी। वहीं किसानों को अपनी उपज को दूर के बाजारों तक पहुंचाने में सहूलियत मिलेगी।
परियोजना की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो गंगा एक्सप्रेसवे का विचार करीब 15 साल पहले सामने आया था, लेकिन विभिन्न प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक कारणों से यह लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ सका। वर्ष 2021 में इसे दोबारा गति मिली और इसके बाद निर्माण कार्य को तेज किया गया।
करीब 36,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे को आधुनिक मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। भविष्य में इसे आठ लेन तक विस्तारित करने की योजना है। सड़क सुरक्षा, आपातकालीन सेवाओं और लॉजिस्टिक्स जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसे विकसित किया गया है।
वर्तमान स्थिति में यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू हो चुका है और धीरे-धीरे यातायात बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में इसके किनारे औद्योगिक गतिविधियां और नए निवेश भी देखने को मिल सकते हैं।
यह भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश के अन्य एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स और उनका प्रभाव
गंगा एक्सप्रेसवे किन जिलों से होकर गुजरता है?
यह एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर हापुड़, बुलंदशहर, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जिलों को जोड़ता है, जिससे इन क्षेत्रों के बीच सीधी और तेज सड़क कनेक्टिविटी स्थापित होती है।
इस एक्सप्रेसवे से स्थानीय लोगों को क्या फायदा होगा?
इससे यात्रा का समय कम होगा, व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी और किसानों को अपनी उपज दूर के बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। साथ ही रोजगार और निवेश के नए अवसर भी बनने की संभावना है।














