UP Cabinet Expansion 2026: योगी मंत्रिमंडल में दिख सकते हैं नए चेहरे।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश | 10 मई 2026
मनोज पांडे विधायक ऊंचाहार रायबरेली
पिछले दिनों से रायबरेली के ऊंचाहार विधायक मनोज पांडे का नाम राजनीतिक चर्चाओं में बना हुआ है।

उत्तर प्रदेश में संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स में कुछ नेताओं के नाम मंत्री पद की दौड़ में बताए जा रहे हैं, हालांकि सरकार की ओर से अभी आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है। माना जा रहा है कि रविवार शाम तक स्थिति साफ हो सकती है।

राजनीतिक गलियारों में जिन नामों की सबसे अधिक चर्चा है उनमें कैलाश सिंह राजपूत, हंसराज विश्वकर्मा, भूपेंद्र सिंह चौधरी, कृष्णा पासवान, मनोज पांडेय और सुरेंद्र दिलेर शामिल हैं।

रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज पांडेय पहले समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रह चुके हैं। बाद में भाजपा के करीब आने के बाद से उनका नाम लगातार चर्चाओं में रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि उन्हें जगह मिलती है तो इसका असर ब्राह्मण राजनीति और पूर्वांचल क्षेत्र पर दिखाई दे सकता है।

कैलाश सिंह राजपूत विधायक तिर्वा कन्नौज
कन्नौज की तिर्वा सीट से विधायक कैलाश सिंह राजपूत का नाम भी चर्चाओं में बना हुआ है।

कन्नौज की तिर्वा सीट से विधायक कैलाश सिंह राजपूत भाजपा के पुराने नेताओं में गिने जाते हैं। संगठन और क्षेत्रीय राजनीति में उनकी सक्रिय भूमिका के चलते उनका नाम संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में सामने आ रहा है।

हंसराज विश्वकर्मा MLC वाराणसी
वाराणसी से जुड़े MLC हंसराज विश्वकर्मा का नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में है।

वाराणसी से जुड़े MLC हंसराज विश्वकर्मा को भाजपा संगठन में सक्रिय चेहरा माना जाता है। ओबीसी वर्ग और पूर्वांचल क्षेत्र में उनकी पकड़ को देखते हुए राजनीतिक हलकों में उनके नाम की चर्चा हो रही है।

अभी तक किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। राजनीतिक चर्चाओं और सूत्रों के आधार पर कई नाम सामने आए हैं, लेकिन अंतिम फैसला सरकार की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
भूपेंद्र सिंह चौधरी भाजपा नेता
भूपेंद्र सिंह चौधरी को भाजपा के बड़े संगठनात्मक चेहरों में गिना जाता है।

पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत राजनीतिक पकड़ रखते हैं। संगठन में लंबे अनुभव और जाट समुदाय में प्रभाव के चलते उनका नाम संभावित दावेदारों में शामिल बताया जा रहा है।

कृष्णा पासवान विधायक खागा फतेहपुर
फतेहपुर की खागा सीट से विधायक कृष्णा पासवान का नाम भी संभावित सूची में है।

कृष्णा पासवान फतेहपुर जिले की खागा सीट से विधायक हैं। दलित प्रतिनिधित्व और क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से उनका नाम चर्चाओं में बना हुआ है।

सुरेंद्र दिलेर विधायक खैर अलीगढ़
अलीगढ़ की खैर सीट से विधायक सुरेंद्र दिलेर भी संभावित चेहरों में बताए जा रहे हैं।

सुरेंद्र दिलेर अलीगढ़ की खैर सीट से विधायक हैं और भाजपा के सक्रिय नेताओं में गिने जाते हैं। पश्चिमी यूपी में संगठनात्मक संतुलन को देखते हुए उनका नाम चर्चा में बना हुआ है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संभावित कैबिनेट विस्तार में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर फोकस किया जा सकता है। हालांकि अंतिम सूची में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

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क्या इन सभी नेताओं का मंत्री बनना तय हो गया है?

नहीं। अभी तक सरकार या राजभवन की ओर से आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई है। फिलहाल राजनीतिक चर्चाओं और सूत्रों के आधार पर नाम सामने आए हैं।

संभावित कैबिनेट विस्तार में किन समीकरणों पर ध्यान दिया जा सकता है?

राजनीतिक जानकारों के अनुसार क्षेत्रीय संतुलन, जातीय प्रतिनिधित्व और आगामी चुनावी रणनीति को ध्यान में रखकर फैसला लिया जा सकता है।

मनोज पांडेय का नाम चर्चा में क्यों है?

मनोज पांडेय पहले समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रह चुके हैं और बाद में भाजपा के करीब आए। ऐसे में उनका नाम राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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