राजधानी लखनऊ में आयोजित Fruit Horizon 2026 कार्यक्रम में फल उत्पादन, आम निर्यात और किसानों की आय बढ़ाने को लेकर व्यापक चर्चा हुई। ICAR-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH) में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उद्यान राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, वैज्ञानिकों, किसानों और निर्यातकों ने आधुनिक बागवानी तकनीकों और वैश्विक बाजारों तक भारतीय फलों की पहुंच बढ़ाने पर विचार साझा किए।
कार्यक्रम का आयोजन 7 मई 2026 को देश में उच्च गुणवत्ता वाले फलों के उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया। कार्यक्रम में आम, केला, अंगूर और अन्य फल फसलों के निर्यात, गुणवत्ता सुधार, वैल्यू एडिशन और प्रोसेसिंग पर विशेष फोकस रखा गया।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत को केवल खाद्यान्न उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि फल उत्पादन और निर्यात में भी वैश्विक स्तर पर पहचान मजबूत करनी होगी। उन्होंने किसानों, वैज्ञानिकों और कृषि उद्यमियों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने की अपील की।
Fruit Horizon 2026 के दौरान केंद्रीय मंत्री ने CISH परिसर में आम के पुराने बागों के जीर्णोद्धार की आधुनिक तकनीक का अवलोकन भी किया। वैज्ञानिकों ने बताया कि प्रूनिंग मशीन की सहायता से बड़े और पुराने पेड़ों की वैज्ञानिक कटाई-छंटाई की जा रही है, जिससे पेड़ों का आकार नियंत्रित होता है और उनमें दोबारा उच्च गुणवत्ता के फल आने लगते हैं। इससे किसानों की लागत कम होने के साथ उत्पादन क्षमता बढ़ने की संभावना भी रहती है।
कार्यक्रम में एक 55 साल पुराने आम के पेड़ पर 234 किस्मों की ग्राफ्टिंग का जिक्र भी आकर्षण का केंद्र रहा। वैज्ञानिकों के अनुसार यह प्रयोग बागवानी अनुसंधान और जैव विविधता संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रतिदिन पौधरोपण अभियान के क्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने CISH परिसर में आम का पौधा भी लगाया। इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और उद्यान राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह सहित कई अधिकारी और वैज्ञानिक मौजूद रहे।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने रहमानखेड़ा स्थित राज्य कृषि प्रबंध संस्थान (SIAM) का निरीक्षण किया। यहां राज्य औषधीय पादप परिषद के सहयोग से आयुष वाटिका, हर्बल नर्सरी और औषधीय खेती से जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी दी गई। दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि औषधीय खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आय का नया विकल्प बन सकती है और राज्य सरकार इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर प्रदेश में मलिहाबाद जैसे क्षेत्रों के आमों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है। कार्यक्रम में फल निर्यात बढ़ाने, कोल्ड स्टोरेज, बेहतर पैकेजिंग और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
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Fruit Horizon 2026 कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश में उच्च गुणवत्ता वाले फल उत्पादन को बढ़ाना, निर्यात से जुड़ी चुनौतियों को कम करना और किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की रणनीति तैयार करना है।
आम के पुराने बागों के लिए प्रूनिंग तकनीक क्यों महत्वपूर्ण है?
प्रूनिंग तकनीक से पुराने और बड़े पेड़ों की वैज्ञानिक कटाई-छंटाई की जाती है। इससे पेड़ों की नई वृद्धि बेहतर होती है, फल की गुणवत्ता सुधरती है और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है।
औषधीय खेती को बढ़ावा देने से किसानों को क्या लाभ हो सकता है?
औषधीय पौधों की मांग बढ़ने से किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकते हैं। इसके साथ ही खेती का विविधीकरण और बाजार के नए विकल्प भी विकसित हो सकते हैं।














