संक्षेप में
उत्तर प्रदेश सरकार ने जिला पंचायतों के कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। शासन के अनुसार 11 जुलाई 2026 से नए जिला पंचायत अध्यक्षों के निर्वाचन तक वर्तमान अध्यक्ष संबंधित जिला पंचायतों में प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे।
विस्तृत समाचार
उत्तर प्रदेश शासन के पंचायतीराज विभाग ने जिला पंचायतों के कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए कार्यालय ज्ञाप जारी किया है। शासन के अनुसार वर्ष 2021 में गठित जिला पंचायतों का कार्यकाल 11 जुलाई 2026 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में नए जिला पंचायत अध्यक्षों के निर्वाचन और पहली बैठक होने तक अंतरिम व्यवस्था लागू की जाएगी।
कार्यालय ज्ञाप में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अनुसार जिला पंचायतों का नया गठन होने तक प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए वर्तमान व्यवस्था जारी रखी जाएगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि नई जिला पंचायतों के गठन तक कार्यों की निरंतरता बनाए रखना आवश्यक है।
क्या कहा गया है शासनादेश में
कार्यालय ज्ञाप के अनुसार संबंधित जिलाधिकारियों और जिला मजिस्ट्रेटों को अधिकृत किया गया है कि वे शासन के निर्देशों के अनुरूप आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करें। प्रशासक केवल नियमित प्रशासनिक कार्यों का संचालन करेंगे तथा किसी प्रकार के नीतिगत या दीर्घकालिक निर्णय नहीं लिए जाएंगे।
प्रशासनिक कार्य रहेंगे निर्बाध
शासन का उद्देश्य जिला पंचायतों में विकास कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों को बिना किसी बाधा के जारी रखना है। नई जिला पंचायतों के गठन और निर्वाचित अध्यक्षों के कार्यभार ग्रहण करने तक वर्तमान व्यवस्था प्रभावी रहेगी, जिससे जनहित से जुड़े कार्य नियमित रूप से संचालित होते रहें।
किन पर लागू होगा आदेश
यह आदेश उत्तर प्रदेश की सभी जिला पंचायतों पर लागू होगा, जिनका कार्यकाल 11 जुलाई 2026 को समाप्त हो रहा है। नई जिला पंचायतों के निर्वाचन और प्रथम बैठक के बाद ही निर्वाचित अध्यक्ष नियमित रूप से अपना कार्यभार संभालेंगे।













