उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत भरी व्यवस्था लागू की जा रही है। UPPCL ने फैसला लिया है कि जिन उपभोक्ताओं को समय पर बिजली बिल नहीं मिल पाता, वे अब संबंधित डिस्कॉम के व्हाट्सएप चैटबाॅट पर अपनी संयोजन संख्या भेजकर बिल प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड मोड में बदला जा रहा है, जिससे रोज-रोज रिचार्ज की झंझट खत्म होगी और पुराने बकाये को किस्तों में जमा करने की सुविधा भी मिलेगी।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा जारी आदेश के अनुसार आरडीएसएस योजना के तहत लगे सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किए जाएंगे। इससे उपभोक्ता पहले बिजली उपयोग करेंगे और बाद में बिल जमा कर सकेंगे। विभाग का कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को बार-बार रिचार्ज की परेशानी से राहत मिलेगी और बिलिंग व्यवस्था अधिक आसान बनेगी।
UPPCL के निर्देश के मुताबिक मई 2026 की बिजली खपत का बिल जून 2026 में पोस्टपेड पद्धति से जारी किया जाएगा। सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को हर महीने की 10 तारीख तक बिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी क्षेत्र में नेटवर्क या ऑटोमैटिक रीडिंग की समस्या आती है तो मैनुअल रीडिंग लेकर बिल जारी किया जाएगा।
बिजली बिल उपभोक्ताओं को SMS और WhatsApp के माध्यम से भी भेजा जाएगा। जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है या गलत दर्ज है, वे संबंधित डिस्कॉम के WhatsApp Chatbot पर अपनी संयोजन संख्या भेजकर बिल प्राप्त कर सकेंगे।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम: +91 8010968292
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम : +91 7669003409
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम : +91 7859804803
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम : +91 8010957826
केस्को कानपुर : +91 8287835233
इसके अलावा उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन पर IVRS सेवा के माध्यम से भी अपना बिजली बिल प्राप्त कर सकेंगे और शिकायत दर्ज करा सकेंगे। विभाग ने 15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों में विशेष शिकायत निस्तारण कैंप लगाने का भी फैसला किया है। यहां स्मार्ट मीटर, बिलिंग और रीडिंग संबंधी शिकायतों का समाधान किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत बिल जारी होने के बाद उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए 15 दिन का Due Date मिलेगा। इसके बाद 7 दिन का अतिरिक्त समय Disconnection Date के रूप में रहेगा। तय समय पर भुगतान न करने पर विद्युत प्रदाय संहिता के अनुसार विलंब अधिभार लगाया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में तेजी से लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। खासकर बार-बार रिचार्ज खत्म होने और बिजली कटने की समस्या को लेकर कई जिलों में विरोध भी हुआ था। ऐसे में पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने से उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
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स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड में बदलने से उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?
पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को बार-बार रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बिजली उपयोग करने के बाद बिल जमा किया जा सकेगा, जिससे अचानक बिजली कटने की समस्या कम होगी।
पुराने बकाये को किस तरह जमा किया जा सकेगा?
घरेलू उपभोक्ताओं को 10 किस्तों में बकाया जमा करने की सुविधा दी गई है। अन्य श्रेणी के उपभोक्ता 40%, 30% और 30% के अनुपात में तीन किस्तों में भुगतान कर सकेंगे।
यदि मोबाइल पर बिजली बिल नहीं मिले तो क्या करें?
उपभोक्ता संबंधित डिस्कॉम के WhatsApp नंबर पर अपनी संयोजन संख्या भेजकर बिल प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा 1912 हेल्पलाइन पर संपर्क कर जानकारी ली जा सकती है।














