चुनाव आयोग का बड़ा कदम: काउंटिंग सेंटर में QR आधारित पहचान अनिवार्य

नई दिल्ली | 30 अप्रैल 2026
काउंटिंग सेंटर पर QR कोड आधारित पहचान सत्यापन करते चुनाव अधिकारी
चुनाव आयोग द्वारा काउंटिंग सेंटर में लागू QR कोड आधारित ID सत्यापन प्रणाली का दृश्य

नई दिल्ली में चुनाव आयोग ने काउंटिंग सेंटर की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए QR कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली लागू करने की घोषणा की है। यह व्यवस्था 4 मई 2026 से शुरू होने वाली विधानसभा चुनाव मतगणना में लागू होगी, जिससे अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगेगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

चुनाव आयोग के अनुसार, यह नया सिस्टम ECINET प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जिसमें अधिकृत व्यक्तियों को QR कोड युक्त ID कार्ड जारी किए जाएंगे। इसका उद्देश्य काउंटिंग सेंटर के अंदर सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करना है ताकि किसी भी प्रकार की अनधिकृत एंट्री को रोका जा सके।

अब काउंटिंग सेंटर में प्रवेश केवल QR कोड स्कैनिंग के बाद ही संभव होगा

यह व्यवस्था असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों की मतगणना से लागू होगी। साथ ही 5 राज्यों की 7 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों में भी इसका उपयोग किया जाएगा। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में सभी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में इस प्रणाली को लागू किया जाएगा।

पिछले एक वर्ष के दौरान चुनाव आयोग ने कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं, जिनमें QR कोड आधारित पहचान प्रणाली को धीरे-धीरे लागू किया गया है। इसी क्रम में यह नया सिस्टम काउंटिंग सेंटर तक विस्तार किया गया है ताकि सुरक्षा और पारदर्शिता दोनों को बेहतर बनाया जा सके।

काउंटिंग सेंटर पर सुरक्षा के तीन स्तर बनाए गए हैं। पहले और दूसरे स्तर पर पहचान पत्र की सामान्य जांच होगी, जबकि सबसे अंदरूनी स्तर पर प्रवेश केवल तब दिया जाएगा जब QR कोड को स्कैन कर सत्यापन सफल हो जाएगा। इससे सुरक्षा व्यवस्था अधिक सख्त और व्यवस्थित हो जाएगी।

यह प्रणाली केवल अधिकृत व्यक्तियों के लिए लागू होगी, जिनमें रिटर्निंग ऑफिसर, असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर, काउंटिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मचारी, उम्मीदवार और उनके एजेंट शामिल हैं। मीडिया कर्मियों के लिए अलग से मीडिया सेंटर बनाया जाएगा और उन्हें पहले की तरह अधिकृत पत्र के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।

इस नई व्यवस्था के लागू होने से फर्जी प्रवेश और सुरक्षा से जुड़े जोखिमों में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी, जिससे मतगणना प्रक्रिया और अधिक निष्पक्ष बन सकेगी।

काउंटिंग सेंटर में QR सिस्टम लागू करने का मुख्य कारण क्या है?

इसका उद्देश्य अनधिकृत लोगों की एंट्री रोकना और मतगणना प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।

यह नई व्यवस्था कब से लागू होगी?

यह प्रणाली 4 मई 2026 से शुरू होने वाली विधानसभा चुनाव मतगणना से लागू की जाएगी।

क्या भविष्य में सभी चुनावों में यह सिस्टम लागू होगा?

हाँ, चुनाव आयोग के अनुसार इसे आगे आने वाले सभी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में लागू किया जाएगा।

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