“Cockroach Party” का मैनिफेस्टो सोशल मीडिया पर वायरल, विकसित भारत को लेकर युवाओं ने रखी बड़ी मांगें

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर इन दिनों “Cockroach Party” या “Cockroach Janta Party (CJP)” तेजी से वायरल हो रही है। शुरुआत में इसे एक मीम और व्यंग्य के रूप में देखा गया, लेकिन अब इससे जुड़ा “Developed India Manifesto” इंटरनेट पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

इस मैनिफेस्टो में भारत को एक मजबूत, आधुनिक, निष्पक्ष और विकसित राष्ट्र बनाने की बात कही गई है। खास बात यह है कि इसमें मुफ्तखोरी की राजनीति के बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुसंधान, रोजगार और बुनियादी ढांचे में निवेश पर जोर दिया गया है।

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इसे युवाओं की नई राजनीतिक सोच और “Development First” विचारधारा का प्रतीक बता रहे हैं। वहीं कुछ लोग इसे मौजूदा राजनीति और व्यवस्था पर व्यंग्य के रूप में भी देख रहे हैं।

मैनिफेस्टो में हर बच्चे के लिए मुफ्त और विश्वस्तरीय शिक्षा, सभी नागरिकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं और न्याय तक समान पहुंच की मांग की गई है। इसके साथ ही AQI 25 से नीचे लाने, स्वच्छ नदियां, सुरक्षित पेयजल और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता दी गई है।

दस्तावेज में भारत को AI, सेमीकंडक्टर, बायोटेक और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों में वैश्विक नेतृत्व दिलाने की बात कही गई है। वहीं GDP का 5 प्रतिशत से अधिक हिस्सा रिसर्च और इनोवेशन में निवेश करने का सुझाव भी दिया गया है।

मैनिफेस्टो में MSME सेक्टर को आसान ऋण, किसानों को स्थिर आय, महिलाओं की सुरक्षा, कौशल विकास और रोजगार आधारित आर्थिक मॉडल की मांग की गई है। इसके अलावा भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई, न्यायिक और प्रशासनिक सुधार तथा पारदर्शी शासन व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है।

“एक विकसित भारत कोई सपना नहीं है, यह एक राष्ट्रीय निर्णय, सामूहिक जिम्मेदारी और पीढ़ियों का मिशन है।”

CockroachParty Manifesto

भारत के लिए हमारी मांगें सरल हैं — हमें एक मजबूत, आधुनिक, निष्पक्ष और विकसित भारत चाहिए। 🇮🇳

  • हर बच्चे के लिए मुफ्त और विश्वस्तरीय सार्वजनिक शिक्षा
  • सभी के लिए मुफ्त, सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं
  • हर बड़े शहर में AQI 25 से कम
  • स्वच्छ हवा, स्वच्छ नदियां और सुरक्षित पेयजल
  • GDP का 5%+ अनुसंधान, विज्ञान और नवाचार में निवेश
  • भारतीय विश्वविद्यालयों को वैश्विक टॉप 100 में स्थान
  • मजबूत सरकारी स्कूल, पुस्तकालय और शोध संस्थान
  • ब्रेन ड्रेन खत्म हो, देश में ही अवसर पैदा हों
  • मजबूरी नहीं, बल्कि पसंद से प्रवास हो
  • संतुलित मिश्रित अर्थव्यवस्था — मजबूत निजी क्षेत्र के साथ मजबूत जनकल्याण
  • भारत में औद्योगिक क्रांति 2.0, 3.0 और 4.0 का पुनर्जागरण
  • विनिर्माण आधारित विकास और उच्च कौशल रोजगार
  • MSME को आसान ऋण और कम अनुपालन बोझ के साथ सशक्त बनाना
  • नवीकरणीय ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा और घरेलू उत्पादन के माध्यम से ऊर्जा सुरक्षा
  • परिवहन, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल कनेक्टिविटी में वैश्विक स्तर का बुनियादी ढांचा
  • स्मार्ट गांव और स्मार्ट शहर साथ-साथ विकसित हों
  • आधुनिक रेलवे, बंदरगाह, राजमार्ग और सार्वजनिक परिवहन
  • सस्ता आवास और योजनाबद्ध शहरी विकास
  • शून्य भूख और शून्य अत्यधिक गरीबी
  • श्रमिकों के लिए बेहतर वेतन, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा
  • किसानों को स्थिर आय, आधुनिक तकनीक और बाजार तक पहुंच
  • फूड प्रोसेसिंग और ग्रामीण औद्योगिकीकरण की क्रांति
  • महिलाओं की सुरक्षा, कार्यबल में भागीदारी और समान अवसर
  • उद्योग की जरूरतों से सीधे जुड़ा कौशल विकास
  • AI, सेमीकंडक्टर, बायोटेक और डीप-टेक में भारत का नेतृत्व
  • डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा और डिजिटल अधिकारों की रक्षा
  • योग्यता आधारित व्यवस्था के साथ नवाचारी आरक्षण नीति
  • हर स्तर पर पारदर्शी और जवाबदेह शासन
  • नागरिकों के लिए तेज, निष्पक्ष और मुफ्त न्यायिक पहुंच
  • पुलिस, न्यायिक और प्रशासनिक सुधार
  • भ्रष्टाचार और करदाताओं के पैसे के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई
  • मुफ्तखोरी की राजनीति खत्म हो, तुष्टिकरण नहीं बल्कि निवेश हो
  • करदाताओं का पैसा उत्पादकता, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च हो
  • सशक्त स्थानीय सरकारों के साथ विकेंद्रीकरण
  • आर्थिक मजबूती के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा
  • रणनीतिक स्वतंत्रता के साथ मजबूत कूटनीति
  • पर्यावरण विनाश के बिना सतत विकास
  • खेल, कला और संस्कृति में वैश्विक स्तर का निवेश
  • जाति, धर्म, लिंग या क्षेत्र से परे समान अवसर
  • हर नागरिक के लिए सम्मान, अवसर और संवैधानिक अधिकार
  • हर नागरिक के लिए मुफ्त न्यायिक उपाय और न्याय तक समान पहुंच
  • सभी के लिए मुफ्त और विश्वस्तरीय शिक्षा
  • हर भारतीय के लिए मुफ्त, सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं
  • शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय के अलावा कुछ भी स्थायी रूप से मुफ्त नहीं होना चाहिए
  • कल्याणकारी योजनाएं नागरिकों को सशक्त बनाएं, निर्भर नहीं
  • करदाताओं का पैसा उत्पादकता, बुनियादी ढांचे, अनुसंधान और मानव विकास में निवेश होना चाहिए
  • सब्सिडी लक्षित, पारदर्शी और अस्थायी होनी चाहिए
  • एक राष्ट्र अवसर, नवाचार और योग्यता से आगे बढ़ता है — मुफ्तखोरी की राजनीति से नहीं

एक विकसित भारत कोई सपना नहीं है।
यह एक राष्ट्रीय निर्णय, सामूहिक जिम्मेदारी और पीढ़ियों का मिशन है। 🇮🇳

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