राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सेना की नहीं, हर नागरिक की जिम्मेदारी: रक्षा मंत्री
खबर एक नजर में
| 1️⃣ | रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सेना की नहीं बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है, जिसकी मजबूती एकता, अनुशासन और जागरूकता पर निर्भर करती है। |
| 2️⃣ | नागरिकों से कानून का पालन करने, अफवाहों से दूर रहने और राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने की अपील की गई। |
| 3️⃣ | गलत जानकारी समाज को अस्थिर कर सकती है, इसलिए मीडिया को जिम्मेदारी के साथ सही और सटीक सूचना जनता तक पहुंचानी चाहिए। |
| 4️⃣ | सरकार विकसित भारत 2047 और आत्मनिर्भर रक्षा पर काम कर रही है तथा कार्यक्रम में वीर सैनिकों और उनके परिवारों को सम्मानित किया गया। |
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सशस्त्र बलों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का सामूहिक कर्तव्य है। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा की मजबूती लोगों की एकता, अनुशासन और जागरूकता पर निर्भर करती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और बढ़ती चुनौतियों के बीच कोई भी नागरिक निष्क्रिय नहीं रह सकता। नागरिकों को कानून का पालन करना चाहिए, अफवाहों से दूर रहना चाहिए और व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देनी चाहिए।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आज के समय में सूचना एक शक्तिशाली माध्यम बन चुकी है, लेकिन गलत सूचना समाज के लिए खतरा बन सकती है। उन्होंने मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मीडिया को जिम्मेदारी के साथ सटीक जानकारी जनता तक पहुंचानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करती और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए रक्षा क्षमताओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। साथ ही आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए रक्षा उत्पादन और निर्यात में वृद्धि को भी रेखांकित किया गया।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में रक्षा उत्पादन 1.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा, जबकि 2025-26 में रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये रहा। सरकार ने आने वाले वर्षों में इसे और बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
कार्यक्रम के दौरान कई वीर सैनिकों और उनके परिवारों को सम्मानित किया गया। रक्षा मंत्री ने कहा कि शहीदों के परिवार देश की ताकत का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उनके योगदान को हमेशा सम्मान मिलना चाहिए।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी पर व्यापक चर्चा की गई।













