खबर एक नजर में
| महत्वपूर्ण जानकारी | |
|---|---|
| 1 | मृत किसानों का नाम PM Kisan सूची से हटाया जाएगा |
| 2 | अपात्र लाभार्थियों को भी योजना से बाहर किया जाएगा |
| 3 | डेटा तहसील/जनपद स्तर से PM Kisan पोर्टल पर अपलोड होगा |
| 4 | अपलोड डेटा को अधिकारी द्वारा Approve या Reject किया जाएगा |
| 5 | गलती से अपात्र मार्क होने पर भविष्य में लाभ नहीं मिलेगा |
| 6 | एक बार डेटा अपलोड होने के बाद सुधार का मौका नहीं मिलेगा |
उत्तर प्रदेश के कृषि निदेशालय द्वारा PM Kisan सम्मान निधि योजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्देश जारी किया गया है। इसमें सभी जनपदीय उप कृषि निदेशकों को निर्देशित किया गया है कि योजना के अंतर्गत ऐसे लाभार्थियों का डेटा चिन्हित किया जाए, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
आदेश के अनुसार, अब PM Kisan पोर्टल पर उपलब्ध Correction Module के माध्यम से तहसील एवं जनपद स्तर से ऐसे मामलों का डेटा मार्क और अपलोड किया जाएगा। इसके बाद संबंधित मण्डलीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन कर Approve या Reject किया जाएगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि डेटा अपलोड करने से पहले उसकी शुद्धता सुनिश्चित की जाए, क्योंकि एक बार मार्क किए जाने के बाद संबंधित लाभार्थी को योजना से बाहर कर दिया जाएगा। साथ ही, लाभार्थियों द्वारा अपलोड किए जाने वाले दस्तावेजों को स्पष्ट एवं पठनीय होना अनिवार्य बताया गया है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि दस्तावेज सत्यापन के दौरान अपठनीय पाए जाते हैं, तो उन्हें अस्वीकृत किया जा सकता है और ऐसे मामलों में दोबारा सुधार का अवसर नहीं दिया जाएगा। इसलिए सभी संबंधित अधिकारियों को सावधानीपूर्वक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह कदम योजना के तहत पारदर्शिता बढ़ाने और केवल पात्र किसानों तक ही लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है। विभाग ने सभी अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इस प्रक्रिया के बारे में जागरूकता फैलाएं और समयबद्ध तरीके से आवश्यक कार्रवाई करें।











