तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पुलिस को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। गोवटेक पुरस्कार 2026 में पुलिस के सोशल मीडिया केंद्र की दो प्रमुख पहलों—यूपी पुलिस तथ्य जांच और मेटा सुसाइडल अलर्ट प्रणाली—को सम्मानित किया गया है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस देश की एकमात्र राज्य पुलिस है जिसे इस प्रतिष्ठित आयोजन में दो अलग-अलग श्रेणियों में सम्मान प्राप्त हुआ। इस पुरस्कार समारोह में कुल 26 श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए, जिनमें उत्तर प्रदेश पुलिस की तकनीकी पहलों को विशेष मान्यता मिली।
वर्ष 2017 में शुरू किया गया यूपी पुलिस तथ्य जांच देश का पहला पुलिस-संचालित तथ्य जांच मंच है। इसका उद्देश्य भ्रामक और फर्जी सूचनाओं का खंडन करना है। यह मंच डिजिटल माध्यमों पर फैलने वाली गलत जानकारी के नियंत्रण में उपयोगी माना जा रहा है।
दूसरी ओर, मेटा सुसाइडल अलर्ट प्रणाली के माध्यम से सामाजिक मीडिया मंचों पर आत्महत्या से संबंधित संकेतों की पहचान कर त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस पहल के जरिए अब तक 2181 लोगों को समय पर सहायता प्रदान की गई है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राज्य में तकनीक आधारित और जनोन्मुख पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न नवाचारों को लागू किया जा रहा है। यह पहलें कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी उपयोगी मानी जा रही हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार के नेतृत्व में पुलिस विभाग द्वारा डिजिटल मंचों का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे पुलिस सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।









