रायबरेली: एनटीपीसी ऊंचाहार बालिका सशक्तिकरण अभियान के नए सत्र का उद्घाटन गुरुवार को जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने किया। कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को शिक्षा, प्रशिक्षण और भविष्य के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया गया। प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन ने इस पहल को जिले में बालिका शिक्षा और कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
पूरा मामला क्या है
रायबरेली जिले के ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी परियोजना परिसर में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने बालिकाओं के साथ केक काटकर नए सत्र की शुरुआत की और छात्राओं को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को उपलब्ध अवसरों का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित करें।
एनटीपीसी ऊंचाहार प्रबंधन के अनुसार इस सत्र में 144 ग्रामीण बालिकाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना प्रमुख बिस्व मोहन सिंह ने बताया कि यह अभियान केवल ऊंचाहार तक सीमित नहीं है, बल्कि एनटीपीसी के विभिन्न परियोजना क्षेत्रों में चलाया जा रहा है।
बालिका सशक्तिकरण अभियान में क्या सुविधाएं मिलेंगी
मानव संसाधन प्रमुख पंकज कुमार ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत छात्राओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ रहने और भोजन की निःशुल्क सुविधा दी जाएगी।
इसके अलावा प्रशिक्षण पूरा होने के बाद श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली 15 बालिकाओं की कक्षा 6 से 12 तक की शिक्षा का पूरा खर्च एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा परिसर स्थित डीएवी स्कूल में वहन किया जाएगा।
इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण बालिकाओं को शिक्षा, आत्मविश्वास और कौशल विकास से जोड़ना है ताकि वे भविष्य में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
स्थानीय लोगों पर क्या असर पड़ेगा
रायबरेली और ऊंचाहार क्षेत्र के ग्रामीण परिवारों के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई गांवों में अभी भी आर्थिक और सामाजिक कारणों से बालिकाओं की शिक्षा प्रभावित होती है।
ऐसे में निःशुल्क प्रशिक्षण और शिक्षा सहायता जैसी सुविधाएं छात्राओं और उनके अभिभावकों के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं। कार्यक्रम में मौजूद कई अभिभावकों ने एनटीपीसी प्रबंधन के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
स्थानीय स्तर पर यह पहल बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी खींचा ध्यान
कार्यक्रम के दौरान जेम (GEM) के पिछले सत्र की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्राओं ने आत्मविश्वास और प्रशिक्षण के प्रभाव को प्रदर्शित किया।
वरिष्ठ प्रबंधक सीएसआर स्नेहा त्रिपाठी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रशासन और प्रबंधन की मौजूदगी
कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी ऊंचाहार विवेक राजपूत, महाप्रबंधक प्रचालन एवं अनुरक्षण आशुतोष बिस्वास, दिलीप कुमार साहू, एस यू हरिदास, मानव संसाधन प्रमुख पंकज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा प्रियदर्शिनी महिला क्लब की अध्यक्षा रश्मि देबाता, यूनियन और एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा क्षेत्र के प्रधानगण भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
यह भी पढ़ें: CBI Director : प्रवीण सूद का कार्यकाल एक साल बढ़ा, मई 2027 तक संभालेंगे जिम्मेदारी
एनटीपीसी ऊंचाहार बालिका सशक्तिकरण अभियान क्या है?
यह अभियान ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को प्रशिक्षण, शिक्षा और व्यक्तित्व विकास से जोड़ने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
इस सत्र में कितनी छात्राओं को लाभ मिलेगा?
एनटीपीसी ऊंचाहार प्रबंधन के अनुसार नए सत्र में 144 ग्रामीण बालिकाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
छात्राओं को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?
प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को निःशुल्क रहने और भोजन की सुविधा दी जाएगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं की आगे की शिक्षा का खर्च भी वहन किया जाएगा।
कार्यक्रम में प्रशासन की क्या भूमिका रही?
जिलाधिकारी सरनीत कौर b्रोका ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और बालिका शिक्षा व सशक्तिकरण को जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।














