नई दिल्ली:CBI Director Praveen Sood tenure extension : केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक प्रवीण सूद के कार्यकाल को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने चयन समिति की सिफारिश के आधार पर यह फैसला लिया। अब 1986 बैच के IPS अधिकारी प्रवीण सूद मई 2027 तक CBI प्रमुख के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
कब शुरू हुआ था प्रवीण सूद का कार्यकाल
प्रवीण सूद ने 25 मई 2023 को CBI निदेशक का पदभार संभाला था। उन्हें शुरू में दो वर्ष के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया था। इसके बाद मई 2025 में उनका कार्यकाल पहली बार एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया और अब मई 2026 में दूसरी बार विस्तार दिया गया है। 0
केंद्र सरकार के आदेश के अनुसार उनका नया कार्यकाल 24 मई 2027 तक प्रभावी रहेगा।
प्रवीण सूद के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां
CBI प्रमुख के रूप में प्रवीण सूद के कार्यकाल में कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच एजेंसी ने आगे बढ़ाई। एजेंसी ने साइबर अपराध, आर्थिक अपराध और अंतरराज्यीय संगठित अपराध से जुड़े मामलों में तकनीकी जांच तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया।
उनके कार्यकाल में डिजिटल फॉरेंसिक क्षमता और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी काम किया गया। CBI ने कई राज्यों से जुड़े भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में जांच तेज की।
इसके अलावा एजेंसी के भीतर तकनीकी आधुनिकीकरण, डेटा विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन को लेकर भी कई प्रशासनिक पहल की गईं। अधिकारियों के अनुसार इससे जटिल मामलों की जांच प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिली।
सरकार ने क्या कहा
सरकारी आदेश के अनुसार नियुक्ति समिति ने चयन समिति की सिफारिश के आधार पर कार्यकाल विस्तार को मंजूरी दी। यह विस्तार 24 मई 2026 के बाद एक वर्ष के लिए प्रभावी होगा। 1
हाल के दिनों में नए CBI निदेशक की नियुक्ति को लेकर चयन प्रक्रिया भी चर्चा में रही थी। इसी बीच सरकार ने मौजूदा निदेशक को सेवा विस्तार देने का निर्णय लिया।
प्रशासनिक और राष्ट्रीय महत्व
CBI देश की प्रमुख केंद्रीय जांच एजेंसी मानी जाती है और बड़े आर्थिक अपराध, भ्रष्टाचार तथा विशेष आपराधिक मामलों की जांच करती है। ऐसे में नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
नई दिल्ली स्थित एजेंसी मुख्यालय में चल रही कई संवेदनशील जांचों के बीच यह फैसला लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे लंबित मामलों की निगरानी और संचालन में स्थिरता बनी रहेगी।
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वर्तमान स्थिति और आगे क्या
फिलहाल प्रवीण सूद CBI निदेशक के रूप में काम जारी रखेंगे। आने वाले समय में एजेंसी के सामने कई महत्वपूर्ण जांच और प्रशासनिक चुनौतियां रहेंगी, जिनकी निगरानी अब उनके विस्तारित कार्यकाल में होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में एजेंसी साइबर अपराध और वित्तीय जांच से जुड़े मामलों पर विशेष फोकस जारी रख सकती है।
प्रवीण सूद का CBI कार्यकाल कब शुरू हुआ था?
उन्होंने 25 मई 2023 को CBI निदेशक के रूप में पदभार संभाला था। 2
कार्यकाल कितने समय के लिए बढ़ाया गया है?
उनका कार्यकाल 24 मई 2026 के बाद एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया है।
प्रवीण सूद किस कैडर के IPS अधिकारी हैं?
वे 1986 बैच के कर्नाटक कैडर के IPS अधिकारी हैं। 3
CBI निदेशक बनने से पहले वे किस पद पर थे?
CBI प्रमुख बनने से पहले प्रवीण सूद कर्नाटक के DGP और IGP के पद पर कार्यरत थे। 4











