टेक्नोलॉजी से ट्रांसफॉर्म हो रहा ‘नया उत्तर प्रदेश’, गोरखपुर में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क का उद्घाटन
उत्तर प्रदेश में तकनीकी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के GIDA क्षेत्र में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के नए केंद्र का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर सांसद रवि किशन शुक्ला, मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद तथा सहजनवा विधायक प्रदीप शुक्ला उपस्थित रहे। यह केंद्र क्षेत्र के स्टार्ट-अप्स, MSMEs और आईटी कंपनियों को तकनीकी आधार प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान STPI के महानिदेशक अंकित कुमार ने जानकारी दी कि यह केंद्र युवाओं को आईटी क्षेत्र में कौशल विकास, नवाचार और सॉफ्टवेयर निर्यात से जुड़ने के अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि देशभर में लगभग 70 STPI केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें से अधिकांश टियर-2 और टियर-3 शहरों में हैं।
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में यह पांचवां STPI केंद्र है और राज्य से सॉफ्टवेयर निर्यात में पिछले वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। केंद्रों के बीच आपसी कनेक्टिविटी के माध्यम से विभिन्न शहरों की सुविधाएं अन्य स्थानों पर भी उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में पिछले वर्षों में कई पहल की गई हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रही है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 15 अप्रैल को पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आधुनिक फॉरेंसिक लैब और ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी परियोजना पर भी कार्य जारी है, जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा 50 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने लोगों से आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर संयम बनाए रखने और केवल जरूरत के अनुसार ही संसाधनों का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचना आवश्यक है ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।
यह पहल गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में आईटी आधारित रोजगार, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।














