वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ धाम में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के अंतर्गत आयोजित सोमनाथ संकल्प महोत्सव में भक्ति, आस्था और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का भव्य संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी रही। आयोजन के दौरान भारत की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक एकात्मता को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी और सोमनाथ भारत की सांस्कृतिक चेतना के दो अमर स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि भारत सदियों से “यतो धर्मस्ततो जयः” का उद्घोष करता आया है, जिसका अर्थ है — जहां धर्म है, वहीं विजय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम में आयोजित यह कार्यक्रम भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि इतिहास में अनेक आक्रमणों के बावजूद भारत की सांस्कृतिक आत्मा को समाप्त नहीं किया जा सका। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोमनाथ और काशी विश्वनाथ केवल मंदिर नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता और राष्ट्रीय अस्मिता के जीवंत प्रतीक हैं।
कार्यक्रम के दौरान सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक महत्व और उसके पुनर्निर्माण की यात्रा का भी उल्लेख किया गया। यह आयोजन सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले विदेशी आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने और स्वतंत्र भारत में मंदिर पुनर्स्थापन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है।
इसी बीच गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर में आयोजित अमृत महोत्सव कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महापूजा और दर्शन किए। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी विभिन्न आयोजनों के दौरान दिखाया गया। हालांकि वाराणसी का कार्यक्रम मुख्य रूप से काशी विश्वनाथ धाम में आयोजित “सोमनाथ संकल्प महोत्सव” और सांस्कृतिक आयोजनों पर केंद्रित रहा।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि आक्रमणों और विनाश के प्रयासों के बावजूद सोमनाथ मंदिर हर बार नई ऊर्जा और आस्था के साथ पुनः खड़ा हुआ। उन्होंने कहा कि “सत्य का सूरज कभी अस्त नहीं होता” और भारतीय संस्कृति सदैव पुनर्जागरण का संदेश देती रही है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत सरकार और श्री सोमनाथ ट्रस्ट द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक देशभर में विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसी क्रम में सोमवार को वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ धाम में “सोमनाथ संकल्प महोत्सव” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जहां वैदिक मंत्रोच्चार, भजन, दीपोत्सव और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय स्वाभिमान का संदेश दिया गया।
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मुख्यमंत्री जी द्वारा सोमनाथ संकल्प महोत्सव का आयोजन कहां हुआ?
यह आयोजन वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ धाम में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के अंतर्गत आयोजित किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किस कार्यक्रम में भाग लिया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर में आयोजित अमृत महोत्सव कार्यक्रम में महापूजा और दर्शन किए।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व क्यों मनाया जा रहा है?
यह पर्व सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले विदेशी आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने और मंदिर पुनर्स्थापन के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है।












