केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत पश्चिम बंगाल के लिए ₹2700 करोड़ की वित्तीय मंजूरी दी है। यह राशि राज्य में ग्रामीण घरों तक सुरक्षित और पाइपलाइन आधारित पेयजल पहुंचाने की योजनाओं को गति देने में उपयोग होगी। कोलकाता समेत कई जिलों में लंबे समय से लंबित जल परियोजनाओं को इससे बड़ा सहारा मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की ओर से दी गई मंजूरी के बाद अब राशि राज्य सरकार को उस समय जारी की जाएगी जब केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर पूरे हो जाएंगे। बताया जा रहा है कि यह फंड करीब दो वर्षों से लंबित था, जिसके कारण कई ग्रामीण पेयजल योजनाओं की प्रगति धीमी हो गई थी।
सरकार की जल जीवन मिशन योजना का मुख्य उद्देश्य देश के हर ग्रामीण परिवार तक नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। पश्चिम बंगाल के कई जिलों, विशेषकर दक्षिण 24 परगना, पुरुलिया, बांकुरा और जलपाईगुड़ी जैसे इलाकों में अभी भी जल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई है। ऐसे क्षेत्रों में इस राशि से नई पाइपलाइन, जल टंकियों और ट्रीटमेंट सिस्टम का विस्तार संभव हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस निवेश का सबसे बड़ा असर ग्रामीण स्वास्थ्य और स्वच्छता पर देखने को मिल सकता है। कई गांवों में लोग अब भी भूजल या असुरक्षित जल स्रोतों पर निर्भर हैं। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा बना रहता है। नई परियोजनाओं के पूरा होने पर लाखों परिवारों को नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा।
इसी के साथ केंद्र और राज्य सरकार के बीच स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर भी बातचीत तेज हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग के बीच आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा शुरू होने की जानकारी सामने आई है। यदि सहमति बनती है तो राज्य के लाखों लोगों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिल सकता है।
देश के अन्य राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, गुजरात और हरियाणा में जल जीवन मिशन के तहत कई गांवों में पाइप जल कनेक्शन तेजी से बढ़ाए गए हैं। अब पश्चिम बंगाल में भी इस दिशा में बड़े स्तर पर काम शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
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जल जीवन मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य देश के ग्रामीण परिवारों तक पाइपलाइन के जरिए सुरक्षित और नियमित पेयजल पहुंचाना है, ताकि लोगों को स्वच्छ जल उपलब्ध हो सके और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं कम हों।
पश्चिम बंगाल को मिलने वाली राशि का उपयोग किन कार्यों में होगा?
₹2700 करोड़ की राशि का उपयोग नई जल पाइपलाइन, जल शोधन संयंत्र, ओवरहेड टैंक और ग्रामीण जल आपूर्ति नेटवर्क को मजबूत करने में किया जा सकता है।
क्या आयुष्मान भारत योजना भी पश्चिम बंगाल में लागू हो सकती है?
केंद्र और राज्य सरकार के बीच इस विषय पर चर्चा चल रही है। यदि सहमति बनती है तो राज्य के पात्र परिवारों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिल सकता है।











