उत्तर प्रदेश को तकनीक आधारित सुशासन का आदर्श राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पुछ एआई के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिद्धार्थ भाटिया ने बृहस्पतिवार को शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग, उसके विस्तार और जनसेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि आधुनिक तकनीक को कॉल और व्हाट्सऐप जैसे सरल माध्यमों के जरिए आम नागरिकों तक पहुँचाया जाए, जिससे सरकारी सेवाएँ सीधे और सहज रूप से उपलब्ध हो सकें। इसके साथ ही देश का डेटा देश में सुरक्षित रखने और तकनीक के माध्यम से प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी विचार किया गया।
चर्चा के दौरान डिजिटल प्रशासन, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया गया। अधिकारियों के अनुसार, तकनीक आधारित समाधान अपनाने से प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
इस पहल को ‘नया उत्तर प्रदेश – कृत्रिम बुद्धिमत्ता से सशक्त उत्तर प्रदेश’ की परिकल्पना के अनुरूप बताया गया। बैठक में यह भी कहा गया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े नीति निर्माण और उनके प्रभावी क्रियान्वयन से आने वाले समय में रोजगार सृजन, नवाचार और युवाओं के लिए नए अवसर विकसित हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, यह भेंट उत्तर प्रदेश में तकनीक के माध्यम से शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में जारी प्रयासों को दर्शाती है, जिसमें विकास, नवाचार और जनसेवा को केंद्र में रखा गया है।










