रायबरेली के शिवगढ़ क्षेत्र में आंधी-तूफान से हुए नुकसान के बीच लेखपाल की संवेदनशील पहल सामने आई है। ग्राम पंचायत बैंती में एक अनाथ युवती का घर गिरने के बाद मौके पर पहुंचे लेखपाल अभिषेक पटेल ने न सिर्फ नुकसान का आकलन किया बल्कि व्यक्तिगत सहायता देकर तत्काल सहारा भी प्रदान किया।
घटना गुरुवार की बताई जा रही है, जब तेज आंधी और बेमौसम बारिश के कारण एक कच्चा मकान अचानक ढह गया। इस हादसे में 18 वर्षीय सोनम रावत की पूरी गृहस्थी मलबे में दबकर खत्म हो गई। घर के साथ-साथ उसका दैनिक जीवन भी पूरी तरह प्रभावित हो गया।
सोनम पहले ही कोविड काल में अपने माता-पिता को खो चुकी है और अकेले ही जीवनयापन कर रही थी। इस हादसे के बाद उसके पास न रहने के लिए घर बचा है और न ही आवश्यक सामान। युवती की स्थिति बेहद दयनीय बताई जा रही है।
मौके पर पहुंचे लेखपाल अभिषेक पटेल ने नुकसान का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की और संबंधित प्रशासन को भेजी। साथ ही उन्होंने अपनी ओर से आर्थिक मदद दी और आगे की पढ़ाई में सहयोग का आश्वासन भी दिया, जिसमें स्नातक शिक्षा का आंशिक खर्च और किताबों की व्यवस्था शामिल है।
उन्होंने तत्काल उपजिलाधिकारी को फोन कर स्थिति से अवगत कराया, जिस पर प्रशासन ने राहत सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने का भरोसा दिया है। स्थानीय स्तर पर कुछ समाजसेवियों और पत्रकारों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों की मजबूती पर ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि बदलते मौसम के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं।
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लेखपाल ने इस मामले में क्या भूमिका निभाई?
लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया, प्रशासन को रिपोर्ट भेजी और व्यक्तिगत आर्थिक सहायता भी दी।
पीड़िता की स्थिति अभी कैसी है?
घर गिरने के बाद उसके पास रहने, खाने और पहनने के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी हो गई है।
क्या प्रशासन से मदद मिल रही है?
प्रशासन ने राहत सहायता देने का भरोसा दिया है और प्रक्रिया शुरू की जा रही है।












