मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने संविदा कर्मियों के निष्कासन और ब्लैकलिस्टिंग की प्रक्रिया को लेकर एक नया निर्देश जारी किया है। निगम के प्रधान कार्यालय लखनऊ से जारी इस आदेश में कहा गया है कि किसी भी संविदाकार के विरुद्ध कार्रवाई से पहले उसे नोटिस देना और उसका पक्ष सुनना अनिवार्य होगा।
आदेश में बताया गया है कि पूर्व में कुछ मामलों में बिना पूर्व सूचना दिए संविदाकारों को ब्लैकलिस्ट किए जाने के कारण माननीय न्यायालय में याचिकाएं दायर हुईं और Natural Justice के सिद्धांतों के उल्लंघन का उल्लेख किया गया। ऐसे मामलों में विभाग के विरुद्ध आदेश भी पारित हुए हैं।
निगम ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी संविदा कर्मी के निष्कासन या ब्लैकलिस्टिंग का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति को नोटिस देकर उसका पक्ष सुना जाएगा। सुनवाई के बाद ही Principles of Natural Justice के आधार पर आगे की कार्रवाई का प्रस्ताव अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।












