उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद तेज किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अगुवाई में गए प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर और जर्मनी में विभिन्न संस्थानों और प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कीं।
सिंगापुर में हुई बैठक के दौरान डीबीएस समूह की प्रमुख सुश्री टैन सू शान के साथ उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहयोग और परियोजना वित्तपोषण से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। इस बातचीत का उद्देश्य राज्य में निवेश प्रक्रिया को सुगम बनाना बताया गया।
जर्मनी दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जर्मन विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग संघ की अधिकारी सुश्री सिल्के सिख्टर और ईए इलेक्ट्रो ऑटोमेटिक कंपनी के प्रमुख श्री मार्कुस शाइबोल से मुलाकात की। बैठकों में अर्धचालक और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भारत-जर्मनी सहयोग, औद्योगिक विस्तार और निवेश संभावनाओं पर चर्चा हुई।
इसके अतिरिक्त, जर्मनी के हेसेन प्रांत सरकार की राज्य सचिव सुश्री कारिन म्यूलर के साथ हुई बैठक में विदेशी निवेश नीति और राज्य की क्षेत्रीय क्षमताओं पर विचार-विमर्श किया गया। चिकित्सा उपकरण, वस्त्र, चमड़ा, जूता उद्योग, रक्षा उत्पादन, सूचना प्रौद्योगिकी और डेटा केंद्र जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
फ्रैंकफर्ट हवाई अड्डा क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में लॉजिस्टिक्स, डेटा केंद्र, नवाचार और औद्योगिक विकास से जुड़े विषयों पर बातचीत हुई। इस दौरान फ्रैंकफर्ट हवाई अड्डा और नोएडा हवाई अड्डा के बीच सहयोग को लेकर आगे की प्रक्रिया पर सहमति बनने की जानकारी दी गई।
इसी क्रम में फ्रैंकफर्ट में आयोजित निवेशक संवाद में उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने राज्य की निवेश-अनुकूल नीतियों और औद्योगिक अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।
इन गतिविधियों को राज्य की औद्योगिक विकास रणनीति के तहत निवेश आकर्षित करने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है।














