जनगणना 2027: रायबरेली सहित पूरे यूपी में 7 मई से स्व-गणना, पूरी प्रक्रिया समझें

रायबरेली | 2 मई 2026
जनगणना 2027 स्व-गणना प्रक्रिया, SE ID और ऑनलाइन डेटा भरने की जानकारी
जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना प्रक्रिया, जिसमें नागरिक ऑनलाइन जानकारी भरकर SE ID प्राप्त करते हैं

रायबरेली समेत पूरे उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के तहत 7 मई से 21 मई तक स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा शुरू की जा रही है। इस दौरान लोग खुद ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिससे जनगणना प्रक्रिया अधिक तेज, आसान और डिजिटल बनेगी।

उत्तर प्रदेश में यह व्यवस्था पहली बार बड़े स्तर पर लागू की जा रही है। पहले जहां जनगणना पूरी तरह घर-घर जाकर कागजी फॉर्म से होती थी, वहीं अब लोगों को खुद डेटा भरने का विकल्प दिया गया है। रायबरेली जैसे जिलों में यह सुविधा खास महत्व रखती है, क्योंकि इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।

7–21 मई 2026: स्व-गणना | 22 मई–20 जून 2026: मकान गणना | 9 फरवरी- 28 फरवरी 2027: जनसंख्या गणना

स्व-गणना का मतलब है कि नागरिक आधिकारिक पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से खुद अपने परिवार, मकान और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी भरें। यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से होती है और इसमें पूछे गए प्रश्न सामान्य व सरल होते हैं।

स्व-गणना पूरी करने के बाद एक यूनिक SE ID प्राप्त होती है। यह आईडी आगे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब प्रगणक घर आएंगे, तो इस आईडी के माध्यम से पहले से दर्ज जानकारी को सत्यापित किया जाएगा, जिससे समय की बचत होगी।

स्व-गणना के बाद 22 मई से 20 जून 2026 तक पहला चरण शुरू होगा, जिसमें प्रगणक घर-घर जाकर मोबाइल ऐप के जरिए जानकारी दर्ज करेंगे। यह प्रक्रिया उन लोगों के लिए भी लागू होगी जिन्होंने स्व-गणना नहीं की है।

इसके बाद दूसरा चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा, जिसमें जनसंख्या से संबंधित विस्तृत आंकड़े एकत्र किए जाएंगे। यही आंकड़े भविष्य में सरकारी योजनाओं, बजट वितरण और स्थानीय विकास के लिए आधार बनते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल जनगणना से डेटा की सटीकता बढ़ेगी और रिपोर्ट तैयार करने में लगने वाला समय कम होगा। रायबरेली जैसे जिलों में इससे यह भी स्पष्ट होगा कि किन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है और कहां सुधार की जरूरत है।

प्रशासन की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्व-गणना का अधिक से अधिक उपयोग करें, ताकि प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके और विकास योजनाओं के लिए सही आंकड़े उपलब्ध हों।

यह भी पढ़ें: स्व-गणना कैसे करें, SE ID क्या है और 33 प्रश्नों की पूरी जानकारी पढ़ें

क्या स्व-गणना करना जरूरी है या विकल्प है?

स्व-गणना एक वैकल्पिक सुविधा है, लेकिन इसे करने से प्रक्रिया आसान हो जाती है और बाद में घर आने वाले प्रगणक को कम समय लगता है।

अगर इंटरनेट न हो तो क्या करें?

ऐसी स्थिति में प्रगणक घर-घर जाकर खुद जानकारी एकत्र करेंगे, इसलिए कोई भी परिवार जनगणना से छूटेगा नहीं।

इस जनगणना से स्थानीय स्तर पर क्या बदलाव हो सकते हैं?

सटीक आंकड़ों के आधार पर जिले में विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और सुविधाओं के विस्तार को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।

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