उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के सलोन तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में 55 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 15 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इस कार्यक्रम में प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने सीधे जनता की समस्याएं सुनकर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें सामने आईं। इनमें राजस्व, पुलिस, विकास, नगर पंचायत, समाज कल्याण और पूर्ति विभाग से जुड़े मामलों की संख्या अधिक रही। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि शेष शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए।
प्रशासन के अनुसार, सम्पूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। इसके तहत तहसील और थाना स्तर पर नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे लोगों को उच्च अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने का अवसर मिल सके।
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों से शासन स्तर पर जन शिकायतों के निस्तारण को प्राथमिकता दी जा रही है। डिजिटल पोर्टल और जनसुनवाई कार्यक्रमों के साथ-साथ समाधान दिवस जैसे आयोजनों से प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। रायबरेली जैसे जिलों में यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
समाधान दिवस में प्राप्त कुल 55 मामलों में से 15 का मौके पर निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को भेजा गया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सभी शिकायतों का समाधान एक सप्ताह के भीतर किया जाए और यदि किसी मामले में देरी होती है तो उसका कारण स्पष्ट किया जाए।
इस तरह के कार्यक्रमों से स्थानीय नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद रहती है, खासकर उन लोगों को जो बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने में असमर्थ होते हैं। साथ ही, विभागीय जवाबदेही बढ़ती है और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आती है।
पुलिस अधीक्षक द्वारा भी पुलिस से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य, विकास और राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे, जिससे विभिन्न समस्याओं का समन्वित समाधान संभव हो सका।
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सम्पूर्ण समाधान दिवस का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का स्थानीय स्तर पर त्वरित और प्रभावी समाधान करना है, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
इस बार सबसे ज्यादा शिकायतें किस विभाग से जुड़ी थीं?
इस आयोजन में सबसे अधिक शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित आईं, जबकि नगर पंचायत, पूर्ति और पुलिस विभाग से भी कई मामले सामने आए।
लंबित शिकायतों के निस्तारण की समय सीमा क्या तय की गई है?
प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि शेष शिकायतों का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर किया जाए और प्रगति की निगरानी सुनिश्चित की जाए।












