CBI निदेशक चयन प्रक्रिया पर राहुल गांधी ने जताई आपत्ति, पीएम को लिखा पत्र

नई दिल्ली | 12 मई 2026
राहुल गांधी द्वारा CBI निदेशक चयन प्रक्रिया को लेकर प्रधानमंत्री को लिखा गया पत्र
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने CBI निदेशक चयन प्रक्रिया को लेकर लिखा पत्र।

नई दिल्ली: CBI निदेशक चयन प्रक्रिया को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर चयन समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति के सदस्यों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित हुई है।

राहुल गांधी द्वारा CBI निदेशक चयन प्रक्रिया को लेकर प्रधानमंत्री को लिखा गया पत्र
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने CBI निदेशक चयन प्रक्रिया को लेकर लिखा पत्र।

पूरा मामला क्या है

राहुल गांधी ने 12 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित पत्र में कहा कि उन्हें CBI निदेशक चयन से जुड़े उम्मीदवारों की 360-डिग्री रिपोर्ट और स्वयं मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गईं। उनके अनुसार चयन समिति की बैठक के दौरान पहली बार 69 उम्मीदवारों के अभिलेख देखने के लिए दिए गए, जिससे विस्तृत समीक्षा संभव नहीं हो सकी।

पत्र में उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को चयन समिति में शामिल करने का उद्देश्य प्रक्रिया में संतुलन और निष्पक्षता बनाए रखना है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें प्रक्रिया में “सार्थक भूमिका” नहीं दी गई।

राहुल गांधी ने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने इससे पहले 5 मई 2025 की बैठक में भी अपनी असहमति दर्ज कराई थी और अक्टूबर 2025 में निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने के सुझाव भी भेजे थे।

CBI निदेशक चयन प्रक्रिया क्यों महत्वपूर्ण मानी जाती है

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) देश की प्रमुख जांच एजेंसी मानी जाती है। इसके निदेशक की नियुक्ति एक उच्चस्तरीय चयन समिति द्वारा की जाती है, जिसमें प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश या उनके प्रतिनिधि तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता शामिल होते हैं।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य एजेंसी की स्वतंत्रता और संस्थागत संतुलन बनाए रखना माना जाता है। इसलिए चयन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जाता है।

राजनीतिक और प्रशासनिक असर

राहुल गांधी के पत्र के बाद विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच CBI की कार्यप्रणाली और चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से इस पत्र पर तत्काल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि उच्चस्तरीय नियुक्तियों में दस्तावेजों की उपलब्धता और पारदर्शी प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वर्तमान स्थिति

फिलहाल CBI निदेशक चयन प्रक्रिया जारी है और चयन समिति की कार्यवाही को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। राहुल गांधी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि वह चयन प्रक्रिया के तौर-तरीकों से असहमत हैं।

आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर केंद्र सरकार या संबंधित समिति की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना बनी हुई है।

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राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को पत्र क्यों लिखा?

उन्होंने CBI निदेशक चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और दस्तावेज उपलब्ध न कराए जाने को लेकर अपनी असहमति दर्ज कराई है।

पत्र में मुख्य आरोप क्या लगाए गए हैं?

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चयन समिति के सदस्यों को उम्मीदवारों की 360-डिग्री रिपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।

CBI निदेशक का चयन कौन करता है?

CBI निदेशक का चयन प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश के प्रतिनिधि और लोकसभा में विपक्ष के नेता वाली उच्चस्तरीय समिति करती है।

क्या सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया आई है?

समाचार लिखे जाने तक केंद्र सरकार की ओर से पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की गई थी।

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