यूपी कैबिनेट विस्तार में 8 मंत्रियों को विभाग आवंटित, जानिए किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी और विभागों के कार्य

लखनऊ, उत्तर प्रदेश | 17 मई 2026
उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नए मंत्रियों को विभाग आवंटित
योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभिन्न नेताओं को अहम विभाग सौंपे गए।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने कई नए और पुराने नेताओं को महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी है। कैबिनेट में सबसे अधिक चर्चा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खाद्य एवं रसद, ऊर्जा और राजस्व जैसे विभागों को लेकर हो रही है, क्योंकि इनका सीधा असर रोजगार, राशन व्यवस्था, बिजली आपूर्ति और जमीन संबंधी सेवाओं पर पड़ता है।

सरकार की ओर से जारी विभागीय सूची के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश, अवध और पूर्वांचल क्षेत्रों के नेताओं को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की कोशिश दिखाई दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक समीकरण और प्रशासनिक अनुभव दोनों को प्राथमिकता दी गई है।

MSME, ऊर्जा, खाद्य आपूर्ति और राजस्व विभागों को राज्य के विकास और जनसेवाओं से जुड़ी सबसे अहम जिम्मेदारियों में माना जाता है।

भूपेन्द्र चौधरी और हंस राज विश्वकर्मा को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। यह विभाग छोटे उद्योगों, स्टार्टअप, ODOP योजना और रोजगार सृजन से जुड़ा है। पश्चिम यूपी से आने वाले भूपेन्द्र चौधरी भाजपा के प्रमुख जाट नेताओं में गिने जाते हैं, जबकि हंस राज विश्वकर्मा पूर्वांचल में कारीगर और पिछड़े वर्ग के बीच प्रभाव रखते हैं।

रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र से आने वाले मनोज पाण्डेय को खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग दिया गया है। यह विभाग राशन कार्ड, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), गेहूं-धान खरीद और गरीबों तक खाद्यान्न पहुंचाने का काम संभालता है। हाल के वर्षों में डिजिटल राशन वितरण और ई-POS मशीन व्यवस्था को लेकर यह विभाग लगातार चर्चा में रहा है।

कानपुर देहात की सिकंदरा सीट से विधायक अजीत सिंह पाल को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग का स्वतंत्र प्रभार मिला है। त्योहारों और शादी सीजन में खाद्य पदार्थों की जांच, नकली दवाओं पर कार्रवाई और मेडिकल स्टोर निरीक्षण जैसे कार्य इसी विभाग के अंतर्गत आते हैं।

मेरठ दक्षिण से जुड़े सोमेन्द्र तोमर को राजनैतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग सौंपा गया है। यह विभाग पूर्व सैनिकों की योजनाओं, PRD जवानों और होमगार्ड व्यवस्थाओं के संचालन से जुड़ा है। पश्चिमी यूपी में बड़ी संख्या में सैन्य परिवार होने के कारण इस विभाग का क्षेत्रीय महत्व भी माना जाता है।

फतेहपुर क्षेत्र की नेता कृष्णा पासवान को पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग दिया गया है। उत्तर प्रदेश देश के बड़े दुग्ध उत्पादक राज्यों में शामिल है और यह विभाग डेयरी, पशुपालन, गौशालाओं और पशु टीकाकरण कार्यक्रमों का संचालन करता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में इसका सीधा योगदान माना जाता है।

कैलाश सिंह राजपूत को ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग की जिम्मेदारी मिली है। राज्य में बिजली आपूर्ति, सोलर ऊर्जा परियोजनाएं और ग्रामीण विद्युतीकरण जैसी योजनाएं इसी विभाग के माध्यम से संचालित होती हैं। हाल के वर्षों में यूपी में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार पर सरकार विशेष फोकस कर रही है।

अलीगढ़ क्षेत्र से जुड़े सुरेन्द्र दिलेर को राजस्व विभाग सौंपा गया है। यह विभाग जमीन रिकॉर्ड, नामांतरण, तहसील प्रशासन और भूमि विवादों के निस्तारण का काम करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन संबंधी मामलों की अधिकता के कारण यह विभाग आम जनता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो मंत्रिमंडल विस्तार में पश्चिम यूपी, ब्राह्मण, दलित और गैर-यादव OBC वर्गों को साधने की कोशिश स्पष्ट दिखाई देती है। प्रशासनिक स्तर पर भी रोजगार, राशन, बिजली और भूमि सेवाओं से जुड़े विभागों को प्राथमिकता देने का संकेत मिला है।

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योगी सरकार में सबसे महत्वपूर्ण विभाग किन्हें मिले हैं?

MSME विभाग भूपेन्द्र चौधरी और हंस राज विश्वकर्मा को, खाद्य एवं रसद विभाग मनोज पाण्डेय को तथा ऊर्जा विभाग कैलाश सिंह राजपूत को सौंपा गया है। ये विभाग रोजगार, राशन और बिजली सेवाओं से सीधे जुड़े हैं।

राजस्व विभाग का आम लोगों पर क्या असर पड़ता है?

राजस्व विभाग जमीन रिकॉर्ड, नामांतरण, तहसील सेवाओं और भूमि विवादों के समाधान का काम करता है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को इससे सीधे प्रशासनिक सेवाएं मिलती हैं।

MSME विभाग उत्तर प्रदेश में क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है?

यह विभाग छोटे उद्योगों, स्टार्टअप, हस्तशिल्प और ODOP जैसी योजनाओं को बढ़ावा देता है। इससे स्थानीय रोजगार और छोटे व्यापारियों को आर्थिक सहायता मिलती है।

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