रोम स्थित संयुक्त राष्ट्र की संस्था Food and Agriculture Organization (FAO) ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को वर्ष 2026 का सर्वोच्च सम्मान FAO Agricola Medal प्रदान किया। यह सम्मान वैश्विक खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ कृषि और ग्रामीण विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाले नेताओं और संस्थाओं को दिया जाता है। समारोह इटली की राजधानी रोम स्थित FAO मुख्यालय के ऐतिहासिक प्लेनरी हॉल में आयोजित हुआ।
क्या है FAO Agricola Medal
Agricola Medal संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन FAO का सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक माना जाता है। यह सम्मान उन व्यक्तियों, राष्ट्राध्यक्षों या संस्थाओं को प्रदान किया जाता है जिन्होंने कृषि सुधार, खाद्य सुरक्षा, किसानों के हित और टिकाऊ विकास के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रभाव डाला हो।
FAO का मुख्यालय रोम (इटली) में स्थित है और यह संस्था दुनियाभर में भूख, कुपोषण और कृषि चुनौतियों पर काम करती है। Agricola Medal को अंतरराष्ट्रीय कृषि सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने वाले प्रयासों की मान्यता के रूप में देखा जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा
सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में कृषि केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन और संस्कृति का आधार है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में धरती को मां और किसान को धरती पुत्र कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि भारत अब science, technology और innovation-driven agriculture की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। Soil Health Card, Agri Stack, AI आधारित सलाह प्रणाली, ड्रोन और रिमोट सेंसिंग तकनीकों का उपयोग खेती को अधिक वैज्ञानिक और डेटा आधारित बना रहा है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मोबाइल तकनीक के जरिए गांवों के छोटे किसान भी मौसम, बाजार और फसल से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर पा रहे हैं।
पहले किन लोगों को मिला यह सम्मान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को भी पूर्व में FAO Agricola Medal से सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान सामान्य तौर पर हर वर्ष नहीं दिया जाता, बल्कि विशेष योगदान के आधार पर चयनित व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है।
FAO समय-समय पर कृषि और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में वैश्विक योगदान देने वाले नेताओं को सम्मानित करता रहा है। इस पुरस्कार को अंतरराष्ट्रीय कृषि नीति और खाद्य प्रबंधन में प्रभावशाली भूमिका की मान्यता माना जाता है।
भारत की कृषि नीति को क्यों मिली वैश्विक पहचान
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने डिजिटल कृषि, प्राकृतिक खेती, माइक्रो इरिगेशन और जलवायु अनुकूल खेती पर जोर बढ़ाया है। सरकार द्वारा किसानों के लिए कई तकनीकी प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं, जिनका उपयोग उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्यों में बढ़ा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन और खाद्य संकट जैसी चुनौतियों के बीच भारत का मॉडल विकासशील देशों के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर इसका क्या असर हो सकता है
उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में कृषि विभाग डिजिटल सेवाओं और तकनीकी प्रशिक्षण को बढ़ावा दे रहे हैं। किसानों को मिट्टी परीक्षण, मौसम पूर्वानुमान और फसल प्रबंधन से जुड़ी सुविधाएं मोबाइल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कृषि नीतियों को मिली पहचान से भविष्य में तकनीकी निवेश और कृषि नवाचार को और गति मिल सकती है।
प्रशासन और नीति स्तर पर आगे क्या
केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में AI आधारित कृषि सेवाएं, जल संरक्षण और टिकाऊ खेती से जुड़े कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। कृषि मंत्रालय और संबंधित एजेंसियां किसानों तक तकनीकी सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर काम कर रही हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह सम्मान क्यों मिला?
भारत में टिकाऊ कृषि, खाद्य सुरक्षा, डिजिटल कृषि तकनीकों और किसानों के लिए तकनीकी सुविधाओं को बढ़ावा देने के प्रयासों के कारण यह सम्मान प्रदान किया गया।
क्या यह सम्मान हर साल दिया जाता है?
यह सम्मान नियमित वार्षिक पुरस्कार की तरह नहीं माना जाता। FAO विशेष योगदान और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव के आधार पर चयनित व्यक्तियों या संस्थाओं को यह सम्मान देता है।
क्या पहले भी किसी भारतीय नेता को यह सम्मान मिला है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को भी पहले FAO Agricola Medal से सम्मानित किया जा चुका है।

