रायबरेली निःशुल्क दोना और पॉपकॉर्न मेकिंग मशीन योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए हैं।
जिला ग्रामोद्योग विभाग रायबरेली ने ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक कारीगरों और स्वरोजगार में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए निःशुल्क दोना मेकिंग मशीन तथा पॉपकॉर्न मेकिंग मशीन वितरण योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 30 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट https://upkvib.gov.in पर जाकर “ऑनलाइन सेवाएं” के अंतर्गत “ऑनलाइन टूल्स-किट्स एवं आवंटन” विकल्प से किया जा सकता है। प्रशासन का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देना है।
पूरा मामला क्या है
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी संतोष कुमार गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्रामीण क्षेत्र के पात्र कारीगरों को मोटराइज्ड दोना मेकिंग मशीन और भुर्जी समाज के पॉपकॉर्न बनाने वाले कारीगरों के लिए पॉपकॉर्न मेकिंग मशीन निःशुल्क वितरित की जाएगी।
विभाग की ओर से पहले से गठित चयन समिति के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। योजना के अंतर्गत ऐसे अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जा सकती है जो पारंपरिक रूप से इस कार्य से जुड़े हैं या स्वरोजगार शुरू करना चाहते हैं।
किन लोगों को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे लोगों को मिलेगा जो छोटे स्तर पर रोजगार शुरू करना चाहते हैं। विशेष रूप से:
- परंपरागत दोना बनाने वाले कारीगर
- भुर्जी समाज से जुड़े पॉपकॉर्न व्यवसाय करने वाले लोग
- स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक ग्रामीण युवा
- छोटे घरेलू उद्योग शुरू करने वाले अभ्यर्थी
प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और छोटे उद्यमों को बढ़ावा देने में मदद कर सकती हैं।
स्थानीय स्तर पर क्या असर पड़ेगा
रायबरेली जिले के ग्रामीण इलाकों में छोटे उद्योगों और घरेलू उत्पादन से जुड़े लोगों के लिए यह योजना उपयोगी मानी जा रही है। कम लागत में मशीन आधारित कार्य शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
इसके अलावा, पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता के बीच दोना-पत्तल जैसे उत्पादों की मांग में भी वृद्धि देखी जा रही है। ऐसे में दोना मेकिंग मशीन ग्रामीण परिवारों के लिए आय का एक अतिरिक्त स्रोत बन सकती है।
पॉपकॉर्न मेकिंग मशीन योजना का उद्देश्य पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े समुदायों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना भी है ताकि उनका उत्पादन और आय दोनों बढ़ सकें।
आवेदन कैसे करें
इच्छुक अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वेबसाइट पर “ऑनलाइन सेवाएं” सेक्शन में “ऑनलाइन टूल्स-किट्स एवं आवंटन” विकल्प के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
यदि किसी अभ्यर्थी को ऑनलाइन आवेदन में समस्या आती है तो वह जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, पुरानी तहसील रायबरेली पहुंचकर जानकारी प्राप्त कर सकता है।
अधिक जानकारी के लिए जिला ग्रामोद्योग अधिकारी के मोबाइल नंबर 7408410810 तथा अशोक कुमार के मोबाइल नंबर 9415958138 पर संपर्क किया जा सकता है।
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दोना मेकिंग मशीन योजना के लिए आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
इच्छुक अभ्यर्थी 30 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन कहां किया जाएगा?
आवेदन उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की वेबसाइट upkvib.gov.in पर ऑनलाइन किया जा सकता है।
किन लोगों को इस योजना में प्राथमिकता मिल सकती है?
परंपरागत कारीगरों, ग्रामीण स्वरोजगार से जुड़े लोगों और भुर्जी समाज के पॉपकॉर्न कारीगरों को प्राथमिकता मिल सकती है।
ऑनलाइन आवेदन में समस्या होने पर क्या करें?
अभ्यर्थी जिला ग्रामोद्योग कार्यालय रायबरेली में संपर्क कर सकते हैं या दिए गए मोबाइल नंबरों पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।








