उत्तर प्रदेश में आयोजित पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा के एक प्रश्न को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। परीक्षा के हिंदी खंड में पूछे गए एक प्रश्न में “अवसर के अनुसार बदल जाने वाले” के लिए एक शब्द चुनने को कहा गया था। इस प्रश्न के विकल्पों में “पंडित”, “अवसरवादी” और अन्य शब्द शामिल थे। परीक्षा के बाद इस प्रश्न की भाषा और विकल्पों को लेकर कुछ सामाजिक संगठनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई है।
इस मुद्दे को लेकर कुछ जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र तैयार करते समय भाषा और विकल्पों के चयन में सावधानी बरती जानी चाहिए ताकि किसी भी समुदाय या सामाजिक समूह से जुड़े शब्दों को विवादित संदर्भ में प्रस्तुत न किया जाए।
जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित प्रश्न की भाषा को लेकर कई लोगों में असंतोष व्यक्त किया गया है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में प्रश्नपत्र निर्माण और अनुमोदन प्रक्रिया की समीक्षा की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इसी प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो।
पत्र में यह भी कहा गया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं का उद्देश्य केवल अभ्यर्थियों की योग्यता का मूल्यांकन करना होता है, इसलिए प्रश्नों की भाषा और विकल्प ऐसे होने चाहिए जो किसी भी प्रकार के सामाजिक विवाद का कारण न बनें। इस संदर्भ में भविष्य के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करने की मांग भी उठाई गई है।
वर्तमान में यह मामला उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्र की समीक्षा और प्रश्न निर्माण प्रक्रिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। संबंधित पक्षों की ओर से यह अपेक्षा जताई गई है कि भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।









