हिमाचल प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को 10 दिन के शैक्षणिक एवं मनोरंजक दौरे पर शिमला से रवाना किया गया है। इस यात्रा के तहत बच्चों ने 11 जनवरी 2026 को हवाई यात्रा के माध्यम से गोवा पहुंचकर अपने शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस विशेष भ्रमण में राज्य के चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस सराहन, टूटीकंडी और मशोबरा में रह रहे कुल 52 चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट भाग ले रहे हैं। यात्रा की शुरुआत 6 जनवरी 2026 को शिमला से हुई थी। पहले चरण में बच्चों को सड़क मार्ग से चंडीगढ़ ले जाया गया, इसके बाद वे दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने ऐतिहासिक, शैक्षणिक और राष्ट्रीय महत्व के स्थलों का भ्रमण किया।
दिल्ली भ्रमण के पश्चात बच्चों को आधुनिक रेल सेवाओं के माध्यम से आगरा ले जाया गया, जहां उन्होंने विश्व धरोहर ताजमहल का अवलोकन किया। इसके बाद यात्रा के अगले चरण में बच्चों ने हवाई सफर कर गोवा पहुंचकर देश के तटीय, सांस्कृतिक और शैक्षणिक परिवेश को समझने का अनुभव प्राप्त किया।
समाचार के अनुसार यह 10 दिवसीय यात्रा कार्यक्रम चंडीगढ़, दिल्ली, आगरा और गोवा को कवर करता है। पूरे भ्रमण के दौरान बच्चों को विभिन्न आधुनिक परिवहन साधनों का अनुभव भी कराया जा रहा है, जिससे उनमें आत्मनिर्भरता और व्यावहारिक ज्ञान का विकास हो सके।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व वर्ष 2025 में भी शिमला जिले के ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को शैक्षणिक भ्रमण पर गोवा भेजा गया था। उस दौरान 22 बच्चों ने पहली बार हवाई यात्रा का अनुभव प्राप्त किया था और उत्तर गोवा के प्रमुख पर्यटन एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया था। सरकार के अनुसार पिछली यात्रा का उद्देश्य बच्चों को व्यावहारिक अनुभव और राष्ट्रीय परिवेश से परिचित कराना था।
मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना की शुरुआत 28 फरवरी 2023 को की गई थी। इस योजना के तहत राज्य सरकार अनाथ और निराश्रित बच्चों की जिम्मेदारी स्वयं उठाती है तथा उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और विकास से जुड़े आवश्यक अवसर उपलब्ध कराती है। सरकार का उद्देश्य इन बच्चों को सुरक्षित वातावरण के साथ बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना है।














